Straight from the Earth: Making Terracotta in Sarguja

 

इस वीडियो में छत्तीसगढ़ के सरगुजा में टेराकोटा शिल्प एवं बर्तन बनाने की प्रक्रिया और क्षेत्र की मिट्टी के साथ उसके संबंध का वर्णन किया गया है।

This content has been created as part of a project commissioned by the Directorate of Culture and Archaeology, Government of Chhattisgarh, to document the cultural and natural heritage of the state of Chhattisgarh.

Chauk: Making Ritual Spaces

 

चौक एक अनुष्ठानिक स्थान है जहां  अलौकिक शक्तियों से संबंधित अनुष्ठान सम्पर्ण किये जाते है। अधिकांश चौक चावल के आटे से बनाएं जाते हैं क्योंकि अन्न प्रकृति से प्राप्त सबसे पवित्र रूप है। धान को  भी लक्ष्मी  माना जाता है, इसलिए चौक बनाने के लिए यह सबसे पवित्र सामग्री मानी जाती है। लक्ष्मी जगार के वक्त, गुरुमांय जहां धनकुल लगाती हैं, वहां पहले चौक बनाती हैं।

सरगुजा के मृणशिल्प | Terracotta from Sarguja

 

छत्तीसगढ़ की पूर्वी सीमा पर बिहार से सटा हुआ सरगुजा अंचल मृणशिल्प की दृष्टि से अत्यन्त सम्पन्न है। सारे सरगुजा क्षेत्र में घरों की छतें  खपरैलों की बनाई जाती हैं। गांवो के अधिकांश लोग मई और जून में खेती का कोई काम न होने के कारण अपने लिए खपरैल स्वयं बनाते हैं। परन्तु मिटटी के बर्तन और मिटटी की अन्य वस्तुएं बनाने का काम कुम्हार ही करते हैं। केवल कुम्हारों के भी कुछ गांव यहां आबाद है जिनमें हर घर में मिटटी के बर्तन बनाए जाते हैं। इनमें अंबिकापुर से रामानुजगंज की ओर जाने वाली सड़क पर ककना ग्राम से दाहिनी ओर सात कि.मी अंदर जाने पर पहाड़ी के नीचेबसा गांव आरा प्रमुख है।

रायगढ़ के मृणशिल्प | Terracotta from Raigarh

 

रायगढ़, छत्तीसगढ़ का एक जनजातिय बहुल क्षेत्र है जहां कुम्हार बड़ी संख्या में रहते हैं। इन कुम्हारों ने यहां के मिटटी के बर्तन एवं अन्य आकृतियों के आकार प्रकार को अपने-अपने ढंग से न केवल समृद्ध किया है बल्कि स्थानीय आदिवासियों के कठिन जीवन को और अधिक सुविधाजनक बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निबाही है।

 

 

रायगढ़ के हाट बाजार में बिकते मिट्टी के बर्तन।

Paramparik Karigar

Paramparik Karigar, an association of craftspeople, has been working towards promoting and preserving Indian arts and crafts. It holds exhibitions and workshops, including design and marketing workshops, to ensure sustainable livelihoods and maintenance of quality of products.

Sahapedia is collaborating with Paramparik Karigar to document the work of craftspeople it represents by preparing modules, which will comprise articles, interviews and multimedia features, to provide an integrated understanding of these art forms.

Chhattisgarh Heritage

Sahapedia, in collaboration with the Directorate of Culture and Archaeology, Government of Chhattisgarh, has undertaken the project of documenting comprehensively the rich and diverse cultural traditions and natural heritage of the state. This involves preparing multi-media modules which include articles, interviews and documentaries of a wide range of cultural forms including oral epics, performing art and craft traditions etc.

Sarguja Rasoi: Anarasa

 

यह वीडियो श्रृंखला का हिस्सा है सरगुजा रासोई: आयशा अहमद खान। यह सरगुजा, छत्तीसगढ़ में अनरसा को बनाने का तरीका दिखाता है। This video is a part of the series Sarguja Rasoi: Ayesha Ahmad Khan.

It demonstrates the way of making Anarasa in Sarguja, Chhattisgarh.

 

Recipe for Anarasa