दैनिक जीवन में धान | Paddy culture in everyday life

 

धान एक ऐसा अन्न है, जिसका उपयोग इसके आविर्भाव के साथ ही विभिन्न तरीक़ों से  भिन्न-भिन्न अवसरों पर होता आ रहा है। मोटे तौर पर हम इसके उपयोग को निम्न रूपों में बाँट कर देख सकते हैं :

Chauk: Making Ritual Spaces

 

चौक एक अनुष्ठानिक स्थान है जहां  अलौकिक शक्तियों से संबंधित अनुष्ठान सम्पर्ण किये जाते है। अधिकांश चौक चावल के आटे से बनाएं जाते हैं क्योंकि अन्न प्रकृति से प्राप्त सबसे पवित्र रूप है। धान को  भी लक्ष्मी  माना जाता है, इसलिए चौक बनाने के लिए यह सबसे पवित्र सामग्री मानी जाती है। लक्ष्मी जगार के वक्त, गुरुमांय जहां धनकुल लगाती हैं, वहां पहले चौक बनाती हैं।

मैदानी छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय वाद्य | Musical instruments from mainland Chhattsigarh

मध्य छत्तीसगढ़ का मैदानी  भाग अनेक घुमक्कड़ एवं लोक आख्यान गायक समुदायों का प्रिय भूभाग रहा है। पठारी ,जोगी , बैरागी ,वासुदेवा ,देवार और नाथ पंथी जैसे भाट -भिक्षु गायकों साथ  यहाँ कबीर पंथी , सतनामी, रामनामी, अहीर भजन एवं लोक गीतों की   मंडलियों की भी बहुतायत रही है। एक समय यह कथा एवं  भजनगायक समुदाय न केवल स्थानिय वाचिक परंपरा के भंडार , संरक्षक और प्रसारक थे बल्कि वे अपनी भावी पीढ़ियों को इसे हस्तगत कराकर इसके संवाहक की भूमिका भी निबाहते थे। अतः यह कहना कि छत्तीसगढ़ के मैदानी क्षेत्र का संगीत इन्ही समुदायों की देन है , अतिश्योक्ति न होगा       

ध्वनि संसार : संगीत, प्रेत और भावसमाधि / Sonic worlds: music spirits, and possession in Bastar

Sonic worlds: music spirits, and possession in Bastar

ध्वनि संसार : संगीत, प्रेत और भावसमाधि

 

बस्तर के लोकप्रिय वाद्य