अशोक तिवारी

एंथ्रोपोलॉजी में स्नातकोत्तर , इथनोग्राफ़िक संग्रहालयों में कार्यानुभव , शोधकर्ता एवं लेखक।
उन्होंने गढ़ कलेवा खान-पान परिसर की अवधारणा एवं आकल्पन तैयार किया है।

                                                                                   

जलपान

 

 

 चीला: चांउर पिसान. चावल के आटे को पानी में घोलकर, तवे पर हल्की आंच में तेल से सेंका गया, नमकीन चीला।

 

चीला: बेसन. बेसन को पानी में घोलकर, तवे पर हल्की आंच में तेल से सेंका गया, नमकीन चीला।

 

 

फरा: चावल के आटे ;कभी-कभी पका चावल भी मिलाकर, को नमक डालकर गूंधकर, फिंगर रोल बनाकर,  भाप से पकाकर,  तिल-मिर्च से छौंक कर बनाया गया नमकीन फरा।

 

 

मुठिया: चावल के आटे ;कभी.कभी पका चांवल भी मिलाकर, को नमक डालकर गूंधकर,  मुट्ठी से गोल आकार बनाकर,  भाप से पकाकर, तिल-मिर्च से छौंक से सेंका गया नमकीन मुठिया।

 

 

धुसका: चावल के आटे को गूंध कर, तेल में हल्की आंच पर सेंकी गयी, नमकीन मोटी रोटी।

 

धुसका: व्हेज मिक्स. प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया पत्ती को बारीक काटकर चावल के आटे के साथ गूंधकर, धीमी आंच में, तेल के साथ सेंकी गयी, मोटी नमकीन रोटी।

 

चांउर रोटी अंगाकर: चावल के आटे को गूंधकर, अंगार में सेंकी गयी, मोटी नमकीन रोटी।

 

चांउर रोटी पातर:  चावल के आटे को गूंधकर, पतला.पतला बेलकर, तवे पर धीमी आंच में सेंकी गयी, पतली रोटी।

 

बफौरी सादा:  मसूर दाल को भिगोकर, उसे दरदरा पीसकर, गोल आकार देकर, भाप में पकाया, और तेल से छौंका नाश्ता।

 

बफौरी मिक्स दाल: चना, मूंग, उड़द, मसूर दाल बराबर मात्रा में, पानी में भिगोकर, दरदरा पीसकर, मूट्ठी से गोल आकार देकर, भाप से पकाया तथा सरसो मिर्च सेए तेल में छौंका गया नाश्ता।

 

 

चउँसेला: गरम पानी में नमक मिलाकरए चावल के आटे को गूंधकर, रोटी के समान बेलकर, तेल से तली गई पूड़ी।

 

नमकीन देहरउरी: चावल को भिगाकर, दरदरा पीसकर, दही.नमक के साथ फेंटकर , हाथ से वृत्ताकार आकार देकर, तेल में पकाया गया पकवान।

 

हथ फोडवा: चांवल के आटे को पानी में घोलकर, नमक मिलाकर, बिना तेल डाले, मिट्टी के तवे में सेका गया, नमकीन चीला।

 

बरा उरिददार: भीगी उड़द दाल को पीस कर, हरी मिर्च, धनिया बारीक काट कर, गूंधकर ,फेंटकर , गरम तेल में तला गया नमकीन नाश्ता।

 

 

बरा;मूंगद्ध . भीगी मूंग दाल को पीस कर, हरी मिर्च, धनिया बारीक काट कर, गूधकर ,फेंटकर , गरम तेल में तला गया खारा नाश्ता।

 

 

धनिया, मिर्च, टमाटर, लहसुन की  चटनी:  टमाटरए मिर्च, धनिया, प्याज, लहसुन की सरसों के छौंक से तेल में पकायी गयी चटनी।

 

गीली मिठाई

 

 

बबरा: चावल के आटे ;चावल को भिगाकर, पीसकर तैयार पीठी को गुड़ शक्कर  के साथ फेंटकर  तैयार गाढ़े धोल को वृत्ताकार आकार  देकर, तेल से तला गया मिष्ठान।

 

देहरउरी: भीगे चावल को दरदरा पीसकर, दही के साथ फेंटकर, वृत्ताकार देकर तेल से तलकर, गुड़ शक्कर  की चासनी में डुबाया गया मिष्ठान।

 

मालपुआ: गेंहू आटे कोए गुड़ घोले पानी में फेंटकर, सौफ कालीमिर्च डालकरए गोल.गोल आकार में तेल अथवा घीं में तला मीठा मिष्ठान।

 

दूधफरा: गेंहू आटे को पानी में गूंधकरए लोई बनाकरए बारीक पतला.पतला फिंगर रोल बनाकरए खौलते हुये दूध व शक्कर के साथ पकाया गया मीठा पकवान।

 

अईरसा: भीगे चावल को हल्का सुखाकरए पीसकरए छानकरए गुड़ मिलाकरए गूंधकर हाथ से गोल फैलाकरए तेल में तला गया मिष्ठान। 

 

सूखी मिठाई

 

 

ठेठरी: बेसन में जीराए अजवायनए नमक मिलाकरए पानी से गूंधकर उसकी पतली डोर बनाकरए मोड़कर तेल से तला गया नकमीन।

 

 

खुरमी: गेंहू आटे में मोयन डालकरए मिलाकरए गुड़पानी के गूंधकरए मुठ्ठी से आकर देकरए तेल में तला मिष्ठान।

 

बिड़िया: आटे को मोयन में मिलाकर, पानी के साथ गूंधकर, लोई को छोटे मोटे बेलकर, आकार देकर सेकना, फिर उसे शक्कर ध्गुड़ की चाशनी  ;उखड़ा पाग में भिगोकर, सुखाया गया मिष्ठान।

 

पिड़िया: चावल को भिगाकर, सुखाकरए,आटे को दही में फेटकर, घी से तलकर सेव बनाकर, इस सेव को सिलबट्टे से पीसकर, चूरा शक्कर मिलाकर, मुठ्ठी से आकार देकर, शक्कर की चाशनी  में डुबाकर तैयार किया गया सूखा मिष्ठान।

 

 

पपची: गेंहू के आटे में थोड़ा चावल का आटा मिलाकर, मोयन डालकर, पानी से गूंधकर, मोटे चौकोर आकार में तेल मे तलकर, गुड़ध्शक्कर की चाशनी  ;उखड़ा पागद्ध में डुबाकर, तैयार सूखा मिष्ठान।

 

पूरन लाडू: गेंहू के आटे को घी में लाल भून कर, शक्कर, मेवा मिलाकर लडडू बनाकर, उसपर बूंदी को गुड़ की चाशनी  में मिलाकर, पूरन के गोल लडुओं, के उपर इस बूंदी को परत डालकर, मुठ्ठी से दबाकर, तैयार सूखा मिष्ठान।

 

 

करी लाडू: बेसन के सेव को गुड़ की चाशनी  में मिलाकर, मुट्ठी से गोल आकार दिया गया मीठा पकवान।

 

 

बूंदी लाडू: बूंदी को शक्कर की चाशनी  में मिलाकर, मुट्ठी से दबाकर तैयार किया गया मीठा पकवान।

 

 

मूर्रा लाडू: मुरमुरे को गुड़ की चाशनी  में मिलाकर, मुट्ठी से आकार देकर तैयार लडडू। 

 

लाई लाडू: लाई को गुड़ की चाशनी  में मीड़कर, मुट्ठी से आकार देकर, तैयार लडडू।

 

 

खाजा: मैदे में मोयन डालकर, पानी के साथ मीड़ कर, लोई बनाकर, बड़े आकार में बेलकर, इनके 4.5 परत, हर परत के बीच घी और मैदे को मिलाकर तैयार किए गया लेप लगाकर, सभी को गोल लपेटकर, लपटे गए रोल को छोटे.छोटे टुकड़ों में काटकर, टुकड़ों को बेलकर, हलका बड़ा आकार देकर, तलकर, उखड़ा पाग के गुड शक्कर  की चाशनी में मिलाकर, तैयार सूखा मिष्ठान।

 

कोचई पपची: अरबी को कद्दूकश करके हथेली से चौकोर आकार देकर, सुखाने के बाद, तेल में तल करए गाढ़ी शक्कर ध्गुड़ के चाशनी में डुबाकर, तैयार किया गया सुखा मिष्ठान।

 

This content has been created as part of a project commissioned by the Directorate of Culture and Archaeology, Government of Chhattisgarh, to document the cultural and natural heritage of the state of Chhattisgarh.