Adivasi

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सरोज केरकेट्टा
झारखंड सांस्कृतिक विविधताओं का प्रदेश है। साल वनों के इस मनोरम प्रदेश में 32 आदिवासी समुदाय रहते हैं। इसके अलावा यहाँ एक अच्छी-खासी सँख्या मूलवासी गैर-आदिवासियों की भी है जिन्हें यहाँ ‘सदान’ कहा जाता है। ये दोनों समूह मिलकर झारखंड की संस्कृति, कला परंपरा और कारीगरी की बहुरँगी दुनिया का निर्माण करते…
in Article
सरोज केरकेट्टा
मूलतः पहले लोग कपड़े नहीं पहनते थे, क्योंकि उन्हें नहीं पता था कि बुनाई कैसे की जाती है। दुनिया की पहली बुनकर हैम्ब्रुमाई नाम की एक लड़की थी, जिसे सृष्टिकर्ता मताई ने यह कला सिखाई थी। नदी किनारे बैठकर उसने लहरों और तरंगों को देखा और उसका अनुकरण अपने डिजाइनों में किया। वह जंगल में गई और पेड़ों की…
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सरोज केरकेट्टा
‘वह छोटानागपुर में रांची नाम के किसी शहर से आया था।...सातवीं क्लास तक पढ़ा भी था। घर में उसके कपड़े बुनने का काम होता था।... खुद सूतों की रंगाई कर लेता था। तानी करने में जितने फुर्तीले उसके हाथ थे, घर में किसी का नहीं था। करघा चलाने की तो बात अलग, नये-नये डिजाइन बनाने में उसका सानी नहीं था। अच्छा…
in Interview
सरोज केरकेट्टा
झारखंड के पारंपरिक वस्त्रों की पहचान लाल पाड़ वाली साड़ी, गमछे और चादर  हैं। मोटी सूती कपड़े से बनने वाले ये उजले और लाल रंग के कपड़े झारखंड के सभी आदिवासी समुदायों द्वारा समान रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। इन पारंपरिक आदिवासी कपड़ों को बुनने और बनाने का काम मुख्यतः झारखंड के सिमडेगा जिले के ‘चिक बड़ाईक…
in Module
Swarnima Kriti
  Dussehra in Bastar is a unique ritual as it is celebrated with extensive rigor for a period of seventy-five days during the month of ‘ashwin’ according to the Hindu calendar. It is a mesmerising event, celebrated earlier in year in a milder form during the month of ‘chaith’ (according to the…
in Article
मुश्ताक खान
  यह आलेख कोंडागांव के हरिहर वैष्णव एवं खेम वैष्णव से हुई चर्चा पर आधारित है   बस्तर की धार्मिक-सामाजिक मान्यताएं एवं रीति-रिवाज आदिवासी तथा गैर आदिवासी विश्वासों का एक जटिल मिश्रित रूप हैं। संभवतः यही कारण है कि यहाँ की अधिकांश प्रथाएं समुदायगत न होकर क्षेत्रीय स्वरुप रखती हैं। अधिसंख्य देवी-देवता…
in Article
Anushka Rose
The Gond adivasis are native to the states of Madhya Pradesh, Maharashtra, Orissa, Andhra Pradesh, Karnataka and Gujarat. In the wake of winter, as the harvest season comes to an end, an event of spiritual and cultural significance to the Gonds of Chhattisgarh is organized and celebrated across the…
in Overview
Mayuri Pralhad Patankar
  In a cave in the village of Dhanegaon, Gondia district, Maharashtra, is situated a shrine of the deity Kali Kankali. The caves are a part of the Maikal hills and are known as 'Kachargarh', the Gondi word for ‘the hill rich in ore’. The district is situated at the borders of Maharashtra,…
in Overview
Mayuri Pralhad Patankar
Song 4 – Gondwana Zhanda Geet   The revival of the Kachargarh pilgrimage has been instrumental in bringing together different adivasi traditions annually. Rohidas Ghodham speaks Gondi, Marathi, Hindi and Telugu, and is a talented and respected folk-singer who has been performing in the Gond…
in Audio
Mayuri Pralhad Patankar
Song 3 – Raja Pravir Chandra Bhanj Deo’s Assassination   The revival of the Kachargarh pilgrimage has been instrumental in bringing together different adivasi traditions annually. Rohidas Ghodham speaks Gondi, Marathi, Hindi, and Telugu and is a talented and respected folk singer who has been…
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