Terracotta

Displaying 1 - 10 of 23
Jaseera CM
  Anna O. Shepard, US archaeologist, in the preface of her book Ceramics for the Archaeologist talks of ‘the ceramic technologist [as someone] who attempts to write a general book on ceramics and then finds himself in the position of a leopard who would like to hide his spots.’[i] Her words point…
in Article
Bhikhan Ram Kumhar
  इस वीडियो में छत्तीसगढ़ के सरगुजा में टेराकोटा शिल्प एवं बर्तन बनाने की प्रक्रिया और क्षेत्र की मिट्टी के साथ उसके संबंध का वर्णन किया गया है। This content has been created as part of a project commissioned by the Directorate of Culture and Archaeology, Government of Chhattisgarh, to document the…
in Video
मुश्ताक खान
  रायगढ़, छत्तीसगढ़ का एक जनजातिय बहुल क्षेत्र है जहां कुम्हार बड़ी संख्या में रहते हैं। इन कुम्हारों ने यहां के मिटटी के बर्तन एवं अन्य आकृतियों के आकार प्रकार को अपने-अपने ढंग से न केवल समृद्ध किया है बल्कि स्थानीय आदिवासियों के कठिन जीवन को और अधिक सुविधाजनक बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निबाही है…
in Article
  छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों की मृणशिल्प परम्परा पर बहुत ही कम शोध हुआ है । रायगढ़ और सरगुजा छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं , जहां कुम्हार भी  बड़ी संख्या  में रहते हैं । इन कुम्हारों ने यहां के मिटटी के बर्तन और अन्य उपकरणों के आकार प्रकार को अपने-अपने ढंग से न केवल समृद्ध किया है बल्कि,…
in Module
Priya Joseph
Dr Kaup Jagadish is a civil engineer and former professor at Indian Institute of Science. Considered a pioneer in earth-based construction technology, he has experimented with earth construction in combination with newer construction materials, and has worked to bring back native earth construction…
in Interview
Priya Joseph
Ravindra Gundu Rao specialises in heritage building conservation and mud architecture. Based in Mysore, Rao has worked on conservation and restoration of several architectural buildings and spaces. He has experience working with traditional materials and techniques involving lime, brick and earth.…
in Interview
Prathyusha Ravi
In Tamil Nadu, Dusshera is celebrated over nine days and is called Golu or Kolu. One of the highlights of the festival is the creation of pyramid-like structures with dolls of all kinds and shapes in Hindu households. These clay dolls depict gods, goddesses, people, animals and things, and…
in Module
मुश्ताक खान
मिट्टी से बनाए गए बर्तनों अथवा मूर्तियों को जब आग में पका लिया जाता है, तब वे मृणशिल्प कहलाते हैं। मिट्टी का काम संभवतः विश्व की प्राचीनतम कलाओं में से एक है। आज से लगभग साढ़े ४००० साल पहले, सिंधु घाटी की सभ्यता के समय, भारत में मृणशिल्प कला अपने चरम पर थी। पकाई गयी मिट्टी से बनी, जितनी विविधतापूर्ण…
in Article
मुश्ताक खान
मृणशिल्प की दृष्टि से बस्तर छत्तीसगढ का समृद्धतम क्षेत्र है, यहां मिटटी के बर्तन और देवताओं के अर्पित की जाने वाली प्रतिमायें बहुत ही विविधतापूर्ण बनाये जाती हैं। पिछले कुछ वर्षो में शहरी बाजार में बस्तर के मृणशिल्प की मांग बढ़ जाने के कारण यहां अनेक नये ढंग की आकृतियां बनाइ जाने लगी हैं जो…
in Module