Hindi

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अमिता चतुर्वेदी (Amita Chaturvedi)
बुन्देलखण्डी परिवेश में रहकर बड़ी हुईं मैत्रेयी पुष्पा के विभिन्न उपन्यासों, ‘इदन्नमम’, ‘बेतवा बहती रही’, ‘अल्मा कबूतरी’ आदि में बुन्देलखण्ड के भूगोल, सामाजिक-जनजीवन, संस्कृति आदि का सम्पूर्णता से परिचय मिलता है। मैत्रेयी पुष्पा को हिन्दी अकादमी द्वारा साहित्य कृति सम्मान, ‘फैसला’ कहानी पर कथा…
in Interview
अमिता चतुर्वेदी (Amita Chaturvedi)
साहित्य किसी भी क्षेत्र के संस्कृति-संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हिन्दी साहित्य में बुन्देलखण्डी संस्कृति को अन्य क्षेत्रों की संस्कृति की अपेक्षा कम महत्व दिया गया है। साहित्य में संस्कृति के संरक्षण की दृष्टि से वृन्दावन लाल वर्मा और मैत्रेयी पुष्पा के उपन्यासों में बुन्देलखण्डी-…
in Article
अमिता चतुर्वेदी (Amita Chaturvedi)
बुन्देलखण्ड मध्य-भारत का ऐसा भाग है, जिसमें उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों के आंशिक क्षेत्र समाहित हैं। बुन्देलखण्ड के अलग-अलग भागों में इतिहास, संस्कृति और भाषा की दृष्टि से विविधता होते हुए भी भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक समानता लिए हुए एक अलग ही विशिष्टता है। किसी भी प्रान्त पर आधारित…
in Overview
अमिता चतुर्वेदी (Amita Chaturvedi)
किसी भी प्रान्त की संस्कृति के संरक्षण के लिए वहाँ की विशिष्टताओं का साहित्य में समावेश महत्वपूर्ण है। साहित्य क्षेत्रीय-इतिहास, जनजीवन एवं संस्कृति के संग्रह का प्रमुख माध्यम है परन्तु बुन्देलखण्डी बोली, भौगोलिक परिवेश, जनजीवन, इतिहास और संस्कृति पर आधारित साहित्य का पर्याप्त विश्लेषण नहीं हुआ है…
in Module
Sumit Chaturvedi
Dimpy Mishra also runs the Ranglok Academy for Professional Arts in the city. After finishing his early education from Agra, Mishra completed his postgraduation in theatre arts from Bhartendu Natya Academy in Lucknow. He has also appeared in a feature film, Bhoomi, directed by Omung Kumar. In 2018…
in Interview
Sumit Chaturvedi
In the history of Indian vernacular theatre, Hindi language theatre is relatively new. It only evolved with the evolution of modern Hindi prose in the late nineteenth century. This was the period of the ongoing struggle for Indian Independence which was accompanied by a call for social and cultural…
in Overview
Sumit Chaturvedi
The Hindi theatre tradition evolved later than many other linguistic theatre traditions of India. It came up within the specific sociopolitical context of India’s Independence movement and as a response to the call given for social and cultural renaissance in the Hindi-speaking belt during the late…
in Module
Rahul Kumar
The 1980s saw the ‘Americanization of the Indian superhero’.[1] It marked a clear break from Amar Chitra Katha’s tradition of using Hindu mythological characters as comic book heroes. This shift was due to the import liberalisation reforms that were taken up by successive central governments during…
in Article
Priti Tripathi
कबीर के काव्य में जगह-जगह प्रकृति अपनी पूरी गरिमा व भव्यता के साथ मौजूद है। यहाँ तक कि वह कई बार उपदेशक की भूमिका में भी नज़र आती है, जो इस जटिल व विषमतामय जीवन की परिस्थितियों से उबरने में मनुष्य की सहायता करती है। ऐसे में यदि हम उनके काव्य में अभिव्यक्त इस पर्यावरणीय चेतना को समझ सकें और इसे जीवन…
in Article