Folk art

Displaying 1 - 10 of 24
Ajith Kumar A.S.
Pakkanar Kali and Mudiyattam are forms of ritual dance practised by Dalit communities in Central and South Kerala. Mudiyattam (mudi means hair and attam means dance) is performed by women and is a dance that demonstrates the power of women. Each caste and region has its own variation of this dance…
in Overview
Ajith Kumar A.S.
Pakkanar Kali and Mudiyattam are ritualistic art forms practised by Dalit communities in Central and South Kerala. Mudiyattam, primarily a dance form, is performed by women, whereas Pakkanar Kali is a dance form of the Paraya community, performed by men. The songs sung alongside Pakkanar Kali and…
in Module
Lakshmi Swaminathan
in Image Gallery
Mushtak Khan
  राजस्थान के भीलवाड़ा क्षेत्र में कपड़े की पृष्ठभुमि पर लोक देवता देवनारायण एवं पाबूजी आदि के जीवन पर आधारित एवं उनकी शौर्य गाथाओं पर बनाए जाने वाले पारम्परिक अनुष्ठानिक कुंडलित चित्र, पड़/फड़ चित्र कहलाते हैं। फड़ केवल एक चित्र भर नहीं माना जाता, यह अपने आप में देव स्वरूप है। इसलिए इसे बनाने वाले…
in Article
Sunil Kumar
चित्र: राजा सलहेस की टेराकोटा मूर्तियां, रमा पंडित, दरभंगा, 2017 । फोटोग्राफर - सुनील कुमार    नेपाल की तरार्इ में स्थित महिसौथा गांव में दुसाध जाति के एक महात्मा थे। उनका नाम था वाक मुनि। वे 12 वर्ष की कठोर तपस्या में लीन थे। इसी दौरान इन्द्रलोक से मायावती नाम की एक अप्सरा फूल लोढ़ने के लिए…
in Article
Sunil Kumar
चित्र: महेंद्र साव, सलहेस लोक-कलाकार, बेतौनहा, मधुबनी, 2016 । फोटोग्राफर - सुनील कुमार   मधुबनी के घोघरडीहा में देर रात तक चल रहे एक लोकनाट्य का दृश्य, मंच पर गर्व से लबरेज नायक के कई संवादों में से कुछ की बानगी:-   नायक का अपना परिचयात्मक संवाद -   हमरो जे घर यौ पंचन राज छै महिसौथा मे। हमरो जे नान…
in Article
हसन इमाम
चित्र: सलहेस लोकगायक, बाजितपुर, दरभंगा टीम, 2016। चित्र - सुनील कुमार   इससे पूर्व कि मैं लोकगाथा राजा सलहेस की सामाजिक प्रासंगिकता के विषय पर विस्तार से चर्चा करूं, अपनी पृष्ठभूमि के बहाने राजा सलहेस नाच की थोड़ी चर्चा करना चाहूंगा। लोकगाथाओं से मेरा पहला परिचय बचपन में हआ। मैं पटना के सेंट जेवियर…
in Article