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Publish on: 12-04-2018

Madan Meena

Madan Meena is a visual artist and researcher. He has worked extensively with artists and craftspersons from Rajasthan. His doctoral dissertation from the University of Rajasthan was on the 'Art of the Meena Tribe'. He continues to work as a researcher with the women of the Meena tribe and has documented and exhibited their Mandana wall paintings across the country and abroad. He has published two books on the subject, 'Joy of Creativity' and 'Nurturing Walls'. As a practising visual artist, Madan has exhibited his own works extensively.

As a curator, he has designed an exhibition on brooms for Arna Jharna, the 'Desert Museum of Rajasthan’ of Rupayan Sansthan. For this he travelled throughout Rajasthan studying the broom-making communities, their socio-political and cultural issues. He was Associate Director for the film ‘Jharu Katha’ on the same subject.

His association with late Komal Kothari, one of India's leading folklorists and oral historians inspired him to start his independent research and documentation in eastern Rajasthan where he is based. He has been recording oral traditions among the rural communities for a long period. Madan received a grant from Cambridge University under the World Oral Literature Project (WOLP) to document Tejaji Ballad. Under the grant he has published a book ‘Tejaji Gatha’ and an audio DVD. His interest in languages has led him to start his work on the secret language of the nomadic and de-notified tribes residing in Rajasthan. For this he has received a fellowship from the Firebird Foundation for Anthropological Research, USA. As a state coordinator for Bhasha Research and Publication Centre, Baroda he edited the Hindi and English volumes of Rajasthani languages under the People’s Linguistic Survey of India project. He was also a state coordinator for ICSSR’s project of surveying the educational status of the nomadic and de-notified tribes of Rajasthan.

Madan has received a Senior Research Fellowship from CCRT-Department of Culture, Govt. of India to extend his work in folklore studies in Marwar (western Rajasthan). He is a Trustee of Bhasha Research and Publication Centre, Vadodara and Executive Member of Kota Heritage Society. As a visiting faculty he teaches traditional crafts at the Indian Institute of Crafts and Design, Jaipur. He currently works and lives in Kota, Rajasthan.

Banda-Rajasthan, October 2017, Audio File 4/7

 

आॅडियो फाईल नं॰ Bharathari-04

 

बोल भरतहरी बाबा...
की जयऽऽ!

धूप पड़ै धरती तपै च उड़ै कसुमल रैतऽऽ
रैत भाईऽऽ!
अरेऽऽ पाळा चालै राजा भरतहरी लिख दिया च रै बिधाता नै करमां मेंऽऽ
लैख भाईऽऽ!

डोबा पयाड़ पै,
हम्मे शईऽऽ!
भरतहरी ,
हम्मैऽऽ!
पानदै माता,
माता शईऽऽ!
बाई मेंणावन्ती,
हम्मै शईऽऽ!

आज रै म्हारा प्यारा वो लीला यै होवै भोला षंकर नाथ की बिकट बनी कै!
मांई श्ईयाऽऽ!
माईनै जा दिन म्हारा प्याराऔ वो पैहरो देर्यौ च नै विक्रमाऽऽ
दीत भाईऽऽ! 
डोबा पयाड़ पै श्ईया वो जा दिन बड़ कै बावड़ी कै माईनै रेवै तो नै पीवल काड़ोऽऽ
सांप भाईऽऽ!
चकवा-चकवी नै ज्या दिन मारै च म्हारा प्यारा वो विक्रमाऽऽ
दीत भाईऽऽ!
तो चकवी कांई कह री च कै या काड़ी र्यात कै मांईनै डळती र्यात कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!
कांई कैह् च श्ईया देखां,
कै चकवा कोई बार टैम कड़ै रैन कड़ैऽऽ
कड़ै शईऽऽ!
सुण लै चकवी म्हारी बार्ताऽऽ कोई सुणतो-सामळतो आपां नै मार खा जायगो,
खा जायगो शईऽऽ!
ई बकट बनी में कुण सुणैगो काड़ी र्यात कै मांईनै डळती र्यात कै,
मांई भाईयाऽऽ!

आज म्हारा प्यारा वो इतनी बांता कैह र्यो च चकवो ज्या दिन चकवी कैऽऽ
कांई श्ईयाऽऽ!
मनै मार खा जावै जै तो सूधो धारा नगरी को राजो बण जावै ऊ षहर कऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!
 
चकवी कह तो दै मनै मार खा जावो नैऽऽ एक लाल या रोज की ऊगैलेऽऽ
ऊगैलेगो शईऽऽ!
लालऽऽ लाला होवै च नै जैऽऽ 
हम्मै शईऽऽ!

विक्रमादीत नै बिचार करोऽऽ
काई कै रो चो शईऽऽ!
आपां तो खा लैगां चकवी जै लाल रोज की उगेलैगांऽऽ
उगेलैगांऽऽ!
भरतहरी शई कू बड़ा शई कू खुआ देगां आपां काई...चकवो!
चकवो शईऽऽ! 
अरे श्ईया वा बण जाओगो धारा नगरी कोऽऽ
राजो शईऽऽ!

आंपा रै राज तो करेगां रै धारा नगरी षैहरऽऽ 
ओ बोल म्हारा प्यारा रै राज करैगां नै धारा नगरीऽऽ 
ऐ!! षैहरऽऽ बोल म्हारा राजा रै राज करैगां नै धाराऽऽ 
षैहरऽऽ बोल म्हारा राजाऽऽ!

हाँ प्यारों!

ऐ! आज म्हारा प्यारा वो चकवा चकवी मारै च विक्रमाऽऽऽऽ
दीतऽ अेर म्हारा प्यारा ओ रै चकवा चकवी मारै च विक्रमाऽऽ
ऐ! दीतऽऽ अेर म्हारा प्यारा ओ रै या चकवा चकवी मारै च विक्रमाऽऽ
ऐ! दीतऽऽ अेर म्हारा प्यारा ओऽऽ

देख म्हारा प्यारा वो विक्रमाऽऽ जगावै भरतहरी नैऽऽ
ऐ! यादऽऽ अेर म्हारा प्यारा ओ रै जा दिन जगावै च भरतहरी कूऽऽ
बड़ा भाई कू!
ऐ! यादऽऽ अेर म्हारा प्यारा ओ रै जा दिन जगावै च भरतहरी नैऽऽ
ऐ! यादऽऽ अेर म्हारा प्यारा ओऽऽ

भरतहरी नै जगावै च विक्रमा रैऽऽ
ऐ! दीतऽऽ अेर म्हारा प्यारा ओ रै जा दिन जगावे रै विक्रमाऽऽ
ऐ! दीतऽऽ अेर म्हारा प्यारा ओऽऽ

विक्रमा ई सोग्यौ च रळगी रातऽऽ हाँ चऽऽऽऽऽऽ
बोलो हरीऽऽ हरीऽऽ हरीऽऽऽऽऽऽ

तो देखो जैं भईया ज्या दिन काँई खेल होऔ चऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!
विक्रमादीत नैऽऽ
हम्मै भईयाऽऽ!
चकवा चकवी कू मार लियाऽऽ
मार लिया च भाईऽऽ!
चकवो तो खा जाओ च भरतहरीऽऽ 
भाईऽऽ!
चकवी कू खा जाओ च...
विक्रमाऽऽ
दीत भाईऽऽ!
और ज्या दिन म्हारा बीरवो चकवा चकवी कू ज्या दिन दोनू भाई खा जाओ च।
खा ज्या च भाईऽऽ!
पैरो आदी र््यात को पूरो हो जाओ च सलीमा भईया विक्रमाऽऽ
दीत को भाईऽऽ!

प्यारो म्हारोऽऽ! अशा देबा करो भईयाऔ बचियारीऽऽ

विक्रमादीत जा दिन सो जाओ च हैमा जल रात कैऽऽ
माईनै भईयाऽऽ!
पैरो लगाबा लाग जावै भरतहरी भईया देखां न कोई आपणी भैणा कू कै आपणा भाई कू कै आपणी माई कू कोई जंगल को शैर खा जाओ बकट बनी कैऽऽ
मांईनै भाईयाऽऽ!

जी दिन रै प्यारा ओ चकवा चकवी कू मार्या चा बांण की देर जा दिन म्हारा प्यारा वो पीवल काड़ो नाग रैवो चो मणधरी जा दिन ऊ डोबाऽऽ  
प्याड़ पै भाईऽऽ!

प्याड़ पै बड़ में रेवै चो न पीवल काड़ोऽऽ
नाग भाईऽऽ!

बड़ में सूं रै ऊतर्यो च जमीं पैऽऽ आजऽऽ बीर म्हारा प्यारा वोऽऽ
ओ! ज्या दिन ऊतरयो च नै जमीं पैऽऽ 
ऐ या चऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै ज्या दिन ऊतरयो च नै जमीं पैऽऽ
ऐ सांपऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै ज्या दिन ऊतरयो च नै जमीं पैऽऽ
लेग्योऽऽऽऽ!   
ऐ सांपऽऽ अेर म्हारा प्याराऽऽ!

आज म्हारा प्यारा वोऽऽ विक्रमा नै डसग्यौ च काड़ोऽऽ
ऐ! सांपऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै विक्रमा न डसग्यौ च रै काड़ोऽऽ
ऐ! नागऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै विक्रमा न डसग्यौ च रै काड़ोऽऽ
ऐ! नागऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽ!

विक्रमा न डसग्यो च काड़ोऽऽऽऽ
ऐ! नागऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै विक्रमा नै डसग्यो च रै काड़ोऽऽ
ओ! नागऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै विक्रमा नै डसग्यो च रै काड़ोऽऽ
ऐ! नागऽऽ अेर म्हारा प्याराऽऽ

विक्रमा मर ग्यो च रै डळती र्यात मेंऽऽ
अेर म्हारा प्यारा वो विक्रमाऽऽ
ओ! मर ग्यो च नै डळती रातऽऽ
अेर म्हारा प्यारा रै विक्रमा मर ग्यो च नै डळतीऽऽ
ऐ! रातऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै विक्रमा मर ग्यो च नै डळतीऽऽ
ऐ! रातऽऽ अेर म्हारा प्याराऽऽ!

देख म्हारा प्यारा वो मूंडा में चंडगी च चींट्याऽऽ
ऐ! या चऽऽ 
विक्रमा के चींट्या रै चंडगी च रै मूंडाऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै चींट्या चंडगी च नै मूंडाऽऽ
माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै चींट्या चंडगी च नै मूंडाऽऽ  
ऐ! माईऽऽ अेर र रै प्यारा वो उगियायाऽऽ उगियाया च रै सूरजऽऽ 
ऐ! बांणऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै उगियायाऽऽ उगियाया रै सूरजऽऽ
ऐ! बांणऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै उगियायाऽऽ उगियाया रै सूरजऽऽ
ऐ! बांणऽऽ अेर म्हारा प्याराऽऽ

मंतर बोलोऽऽ मालम रैऽऽ हैगी च नै पानदैऽऽ 
ऐ! बाईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै मालम होगी च नै पानदैऽऽ 
बाईऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै मालम होग्यो च नै पानदैऽऽ 
ऐ! बाईऽऽ

मंतर बोलो डळ-डळ रैऽऽ रोरी च रै राणी रैऽऽ
ऐ! आजऽऽ अेर म्हारा...
पानदै झर-झर रोवै च नै बन कैऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै पानदै रो री च नै डळ-डळऽऽ
ऐ! आजऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै पानदै रो री च नै डळ-डळऽऽ
हाँ म्हारा भाईओ लै ग्या मोज!
आजऽऽ अेर म्हारा प्यारा! 

डळ-डळ डळ-डळ रै रो री च बन कै मांई पानदै रै डळ-डळ तोऽऽ
हाँ भाई!
पानदै रै डळ-डळ रोवै रैऽऽ
ऐ! पानदै डळ-डळ रोवै रैऽऽ
ऐ! पानदै डळ-डळ रोवै रैऽऽ
ऐ! पानदै डळ-डळ रोवै रैऽऽ
ऐ! पानदै डळ-डळ रोवै रैऽऽ

रोरी रै डोबा रै पयाड़ पैऽऽ हाँ ई रैऽऽऽऽऽऽ
वाह प्यारोंऽऽ!

प्यारो म्हारोऽऽ!
हाँ प्यारेऽऽ!

भरतहरी महाराज कीऽऽ
जय होऽऽ

भरतहरी की बहणा भी झर-झर रोरी चऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!
और अठी नै भरतहरी भी रोवै लाग जावै डळ-डळ बिगट बनी कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!
डोबा पयाड़ पैऽऽ 
प्याड़ पै भईयाऽऽ!
अरे जा की माता रोवै चऽऽ
रोरी च भाईऽऽ!
आछी करी रै म्हासू भगवान भईया बिगट बनी कैऽऽ
मांईनैऽऽ!
आछी करी दीनानाथ बिगट बनी कै मांईनैऽऽ
मांईनै भईयाऽऽ!
म्हारो बगड गियो पईर-सासरोऽऽ
ससरो भाईऽऽ!

एक बेटा नै तो खागियो दीखै बगट बनी में बन को भूरोऽऽ
नाग भाईऽऽ!
अरे म्हाराई सलिमादीत नै खाग्यो दिखै प्यारो ओ बन कोऽऽ नाहर!
वा प्याराऽऽ!
म्हाराई विक्रमादीत कै कांई हैग्यो म्हारा प्यारा वो ई डोबा पयाड़ कैऽऽ
तांई भाईऽऽ!
तो कसा जगाओ चो ऊगी आया सूरज बाणऽऽ
बाण भाईऽऽ!
तो माता जगा री च अपणा बेटा नैऽऽ किशा जगा री देखा नीऽऽ
किशा जगा री च भाईऽऽ!
गोदी को नंदलाल भईया पेट की झाड़ऽऽ
झाळ भाईऽऽ!

किशां जगारी चऽऽ
हाँ भाई!

जागैने विक्रमादीत सोतो कांई रै रैहग्यो जागै नै म्हाराऽऽ 
लालऽऽ सोतो कांई रैहग्योऽऽ
ओ जागै नै म्हारा लाल सोतो कांई रैहग्योऽऽ
ऐ! जागै नै विक्रमादीत सोतो कांई रैहग्योऽऽ
ऐ! जागै नै विक्रमादीत सोतो कांई रैहग्योऽऽ

देख म्हारा श्याणा रै कांई रै होग्यो रै थारे रै आजऽऽ
देख म्हारा प्यारा रै कांई होग्यो रै थारे रैऽऽ
ऐ! आजऽऽ देख म्हारा प्यारा रै कांई होग्यो रै थारै रैऽऽ
ऐ! आजऽऽ देख म्हारा प्याराऽऽ

डळ-डळ रै रोवै च नै डोबाऽऽ 
पयाड़ पैऽऽ!
माता!
अेर म्हारा प्यारा रै डळ-डळ रोवै च नै डोबाऽऽ 
पयाड़ऽऽ पै अेर भाई माता डळ-डळ रोवै च नै डोबाऽऽ
पयाड़ऽऽ अेर भाई माता! 

पार लगावैगो कांई रैऽऽ म्हारी पार लगावैगो कांई रैऽऽ 
म्हारी डूबगी भंवर मेंऽऽ
नाँव सांषरियाऽऽ पार लगावैगो कांई रैऽऽ म्हारी डूबगी भंवर मेंऽऽ
नाँव सांषरियाऽऽ पार लगावैगो कांई रैऽऽ म्हाकै डूबगी भंवर मेंऽऽ
नाँव सांषरियाऽऽ पार लगावैगो कांई रैऽऽ म्हाकै डूबगी भंवर मेंऽऽ
हाँ प्यारैऽऽ
नाँव सांषरियाऽऽ पार लगावैगो कांई रैऽऽ

पार लगावैगो कांई रैऽऽ म्हारी डूबगी भंवर मेंऽऽ 
ओ! म्हारी डूबगी भंवर मेंऽऽ नाँव सांषरियाऽऽ पार लगावैगो कांई रैऽऽ
म्हारी डूबगी भंवर मेंऽऽ नाँव सांषरियाऽऽ पार लगावैगो कांई रैऽऽ
 
आज म्हारा प्यारा वो ज्या दिन उगी आया सूरज बाण बगट बनी कै मांईने डोबा प्याड़ कैऽऽ
कांई भाईऽऽ!
भरतहरी खप्पन लेवै जावै च जामण जाया वीर का में म्हारी माता जाऊँ चू कोई शैहर कैऽऽ
मांईनै भईयाऽऽ!
बीरा को चतो लगावैगां बगट बनी में म्हारी माता खप्पन लाऊं री लेबै शैहर कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!

तो म्हारा बीरवों ज्या दिन कांई हो ची धारा नगरी शहर कै मांई, यो राजो या राजगद्दी पैऽऽ
बैठग्यो भाईऽऽ!
नत तो यो राजो या राजगद्दी पै बैठेचोऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!
उ शैहर कै मांईनै कोई भईया जा दिन कोई इशौई बिगनऽऽ
बिगन चो भाईऽऽ! 

ज्या दिन म्हारा बीरवो राकश हल्रयौ मैहल कै मांईऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!
राजा का मैहल कै मांई राकश हल्रयौ चोऽऽ
हल्रयौ चो भाईऽऽ!
नत नै योई राजो बैठे चो रै गादी पै म्हारा प्यारा वो उ शहर कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!
अरे ज्या दिन म्हारा बीरवौ भरतहरी पूछै च नै धारा नगरी शहर कैऽऽ
मांई भाईऽऽ!

अरे दरवाजा बंद पा ग्या च धारा नगरी शैहर में म्हारा प्यारा वोऽऽ
पाग्या पाग्या च नै धारा नगरीऽऽ 
ओ! शहर मेंऽऽ 
अेर म्हारा प्यारा वो रै दरवाजा पा ग्या च नै बंद भायाऽऽ
ऐ! या चऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो! 
दरवाजा पा ग्या च नै ज्या दिनऽऽ 
ऐ!! बंदऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽ

ऐ! भरतहरी रै डळ-डळ रै रोवै च रै दरवाजा कैऽऽ
ऐ! तांईऽऽ 
बारणै!
अेर म्हारा भाया भरतहरी रै डळ रै रोवै च नै दरवाजाऽऽ 
ऐ! माईऽऽ अेर भाई भरतहरी रै डळ रै रोवै च नै दरवाजाऽऽ 
ऐ! माईऽऽ अेर भाई राजा। 

आज म्हारा प्यारा वो रै डळ-डळ रै रोयौ च भरतहरीऽऽ
ऐ! आजऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै डळ-डळ रोर्यौ च भरतहरीऽऽ 
ऐ! आजऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै डळ-डळ रोर्यौ च भरतहरीऽऽ 
आजऽऽ अेर म्हारा प्याराऽऽ

मंतर बोलो ऊग्याया रैऽऽ ऊग्याया अब सूरजऽऽ
ऐ! बाणऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै ऊग्याया ऊग्याया रै सूरजऽऽ
ऐ! बाणऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै ऊग्याया ऊग्याया रै सूरजऽऽ
लेग्यो!
बाणऽऽ अेर म्हारा प्यारा!

देख म्हारा प्यारा वो बस्ती का यै कैह र्या च भरतहरीऽऽ
ऐ! तांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै बस्ती का कैह् र्या च भरतहरीऽऽ 
ऐ! तांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै बस्ती का कैह् र्या च भरतहरीऽऽ
तांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा!

हाँ प्यारेऽऽऽऽ
अरे म्हारा सांवराऽऽऽऽ
वाह प्यारोंऽऽऽऽ
जय होऽऽ!

बोल गुरू महाराज की, जयऽऽ!

बस्ती का कैह र्या च म्हारा वीरो कै च बणा संणग्यार्यो लाडो चऽऽ
लाडो च भाईऽऽ!
बना मोर मुकट बांध्याई राजो चऽऽ
राजो च भाईऽऽ!
राजा को कंवर तो छो हीऽऽ
हम्मै भईयाऽऽ!
अरे जा दिन भईया कै तोकू तो राजो बण्नो ही पड़ैगो गाँव कोऽऽ
बण्नो ही पड़ेगो भाईऽऽ!
नगरी को राजो बण्नो ही पड़ेगो रै भायाऽऽ भरतहरी तो डळ-डळ रोवै हाथ जोड़ऽऽ
जोड़ै च भाईऽऽ!
मै तो राजो कोणै बनू ई शैहर कोऽऽ मै तो म्हारा भाई का खप्न लेबै ही आयो चो नगरी का!
मांईनै भाईऽऽ!
अतनी बांता खेवै च ज्या दिन म्हारा बीर ओ जा दिन भरतहरी कैह र्यो च दरवाजा कै!
कांई भाईऽऽ
अरे किशो थारो भाई किशी थारी माता किशी थारी, भैंणऽऽ! 

भरतहरी गियो भाई का खप्न लेबै शैहर कै मांई धारा नगरी शैहर कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!

जीने राज रैऽऽ मल गियो च रै धारा नगरीऽऽ शैहर मेंऽऽ
अेर भाई मरदोऽऽ 
राज मल गियो च नै धारा नगरीऽऽ
ऐ! शैहरऽऽ बोल भाई मरदो रै राज मल गियो च नै धारा नगरीऽऽ
शैहरऽऽ को रै म्हारा प्यारा रै राज मल गियो च नै धारा नगरीऽऽ
धारा नगरी शहर को राजो बण ग्योऽऽ!
शैहरऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ!

मंतर बोलो राजो रै बण गियो च रै शैहर कोऽऽ
या रेऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै राजो बण ग्यो च नै ज्या दनऽऽ
ऐ! शैहरऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै राजो बण ग्यो च नै ज्या दनऽऽ
ऐ! शैहरऽऽ अेर म्हारा प्याराऽऽ!

आज म्हारा प्यारा वो राज रैऽऽ परणा में भूल ग्योऽऽ
भाई नैऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो राज परणा में भूल ग्योऽऽ 
ऐ! भाईऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै राज परणा में भूल ग्योऽऽ    
ऐ! भाईऽऽ अेर म्हारा प्याराऽऽ!

बोले गुरू महाराज की... 
जयऽऽ!

राजपणा कै मांईनै भाई कू भी भूल ग्यो, मर्या कूऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!
और माता कू भूल ग्यो पानदै कू भैणा कू भूल ग्यो कुण कू मेंणावन्ति बाई कूऽऽ
माई कू भाईऽऽ!
भईया राज मिल ग्यो च धरा नगरी शैहर को राजा बण ग्यो भरतहरी महाराजऽऽ
महाराजऽऽ!

अरे ज्या दिन म्हारा बीर वोऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!
हो जाओ ची डळती र्यातऽऽ
र्यात भईयाऽऽ!
तो राकश आ जाओ च ज्या दिन भईया ऊ मैहल कैऽऽ
माईऽऽ!
तो राजा नै पहली र्काइं ख्याल रचा दियोऽऽ भरतहरी नैऽऽ 
काई रचायो भाईऽऽ!
फूलां की भईया गैट पै सूँ मैहल की राजगद्दी कै जांई उनै फूलां की फलवाड़ऽऽ
करदी भाईऽऽ!
बचवा दीऽऽ!
और अंतर का फूवार्या दुआदिया च म्हारा बीर वो मैहल कैऽऽ
माईनै भाईऽऽ!
मोहित हो जाओ च राकश भईया ज्या दिन कै मांगणो होए जै मांग लैऽऽ
मांग लैऽऽ!
अर उ कै लारै कमनक्या देबी भी आवो ची खाबैऽऽ
खाबै भाईऽऽ! 
देबी हल री ची मैहल कैऽऽ
माईऽऽ!

देबी नै बरदाना दै दिया, राजी है गीऽऽ
होगी भाईऽऽ!
जा भाई भरतहरी राजाऽऽ   
हम्मे भाईऽऽ!
ई शैहर कै माई तू ही राज करेगोऽऽ
करेगो भाईऽऽ 
करेगो भाईया!

अरे डळ-डळ रोरी च तीन म्हारा बीर ओ बाठ नाहड़ै च एक बेटा नै खाग्यो बन कोऽऽ
नाहर भाईऽऽ!
ऐक बेटा नै खाग्यो च रै ई बिगट बनी में डोबा प्याड़ पे पीवल काड़ोऽऽ
नाग भाईऽऽ!
ऐक बेटो खपन लेबै गियो शहर कै मांईनै पाछै कोनै बावड्यो बिगट बनी कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!

आज भाई मंतर बोलोऽऽ बै खो दियो च ई दीनाऽऽ
नाथऽऽ अेर भाई प्यारा रै बै धोखो दै र्यो च नै दीनाऽऽ
ऐ! नाथऽऽ अेर भाई प्यारा रै बेै धोखो देयो च रै भोळाऽऽ
ऐ! नाथऽऽ अेर भाई बिधाता रै धोखो है यो चो रै बन कैऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै धोखो होयो च नै बन कैऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै धोखो होयो च नै बन कैऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा प्याराऽऽ

परगट है गयाऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!

परगट है गया च भोळानाथऽऽ
आऽऽऽऽऽऽ
बोलो हरीऽऽ हरीऽऽ हरी ये अ ये अ ये अ येऽऽऽऽ

हाँ प्यारेऽऽ!   
क्या कैहर्यो भाईऽऽ!
जय होऽऽ!

बोल भरतहरी बाबा कीऽऽ
जय होऽऽ!

परगट हैग्या षंकर भोलानाथऽऽ
नाथ भाईऽऽ!
अरे तूही-तूही कर कै नाद बजा दिया च पीवळ काड़ो नाग बड़ में सूं नीचै ही आ जावै चऽऽ
आज्या च भाईऽऽ!
जतरा भी उका साश चा नै भईया जै साश चूचा चा नै पीवळ काड़ाऽऽ
नाग नै भाईऽऽ!
पाछाई धर दै चऽऽ
धर दै च भाईऽऽ!
अमरत का छिडका मार दिया विक्रमादीत कै जिंदो है ग्यो च डोबा पयाड़ कै,
मांई भाईऽऽ!
जिंदो है ग्यो च जा दिन म्हारा बीरओ विक्रमाऽऽ
दीत भाईऽऽ!
तो अठी नै चल जाओ च बाबा भईया शंकर भोलानाथ की धूणिंया कै,
मांईनै भाईऽऽ! 

कांई भोलै नाथ की मर्जी होवै चऽऽ
कांई होए च भईया देखांऽऽ

प्रेम बड़ा संसार में अमृत मीठा खांणऽऽ
खांण भईयाऽऽ!
अरे प्याला पीवे नै प्रेम का मट जावै कैहता ही तांणऽऽ
तांण भाईऽऽ!  
धारा नगरी शहर कै मांई चोरी हो जाओ चऽऽ
हो जा च भाईऽऽ!
चोरी के मांईनै गायां लैग्याऽऽ
लेग्या भाईऽऽ!
डाँकू-डकेत गायां लैग्या चोरऽऽ
चोर भाईऽऽ!
डाँकू-डकैत किशा गाँँव का चाऽऽ
हम्मे भाईऽऽ!
देखा तो शैहर कशो चो भाईऽऽ
चूचक शैहर काऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!

तो भरतहरी महाराज गायां छुडावै जाओ चऽऽ
जाओ च भाईऽऽ!
बस्ती का राजा सू कियो जावै च बस्ती कै मांईनै कांई नै कांई हो जाओ बुरो काम तोऽऽ
कह्ओ च भाईऽऽ!

गोड़ा पै बैठ जावै राजा भरतहरी जा र्यो च रै प्यारा ओ गायां छुडाबैऽऽ
छुडाबै भाईऽऽ!
तो केहबा लाग जाओ च ज्या दिन हजार डाँकू बैठ्या चा ज्या दिन भईया हरा-पीड़ा रंगीन जाजम्या बछरी चीऽऽ
बछरी ची भाईऽऽ!
दावाजा के मांईनै गणपतसिंह डकैत भी बैठ्यो चो वांको भईया हजार सूं भईया डकैतन को सरदार,
सरदार भाईऽऽ!
एक हजार वै डाँकू चा जां को सरदार कुण जा चोऽऽ
कुण जा चो भाईऽऽ!
गणपतसिंह भईया डकैतऽऽ
डकैत भाईऽऽ!
भरतहरी सू कैहर्या चा भाग बचालै थारी जान कुण की गायां लेबे आयो चो न्यां,
हम्मै भाईऽऽ!
जिंदो नै छोड़ा हरगज ई शहर कै,
माईनैऽऽ!
भारत भईया भारत रोप दियो च भारत चालू कर दियो च,
कर दियो भाईऽऽ!
शंकर भोळानाथ न संवरे च जा दिन माता नै च भईया कमनक्या देबी नै संवरै च राजा भरतहरी उ भईया शैहर कै,
मांईनै भाईऽऽ! 

आज रै म्हारा प्यारा वो जीत हैगी च शैहर कै मांई गाया छुड़ार लावै च नै राजाऽऽ 
भरतहरी भाईऽऽ!
और गणपतसिंह सिंह डकैत की बेटी परणर ली आवै च म्हारा प्यारा वो ज्या दिनऽऽ
ज्या दिन भाईऽऽ!

श्यामदै बाई नै रै लावै च भरतहरी आजऽऽ 
भाई मरदोऽऽ
ऐ! लावै लावै च नै ज्या दिनऽऽ
ऐ! आजऽऽ अेर भाई मरदो रै ज्या दिन श्यामदै बाई नै रै लावै चऽऽ
बियाओ कर लियो भरतहरी नै,    
ऐ! आजऽऽ अेर भाई प्यारोऽऽ

आग्या रैऽऽऽऽ आग्या च मैहल कैऽऽ
ऐ! माई अेर भाई प्यारो रै आग्या आग्या च मैहल कैऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा प्यारो रै
देख म्हारा प्यारा वो राणी रैऽऽ कह री च भरतहरीऽऽ
ऐ! अेरऽऽ भाई प्यारों रै राणी कैह् री रै भरतहरीऽऽ
ऐ! तांईऽऽ अेर भाई प्यारोंऽऽ 
देख म्हारा खांवण जी एकलाई रेवै च कै इतरा बड़ाऽऽ
ऐ! महैल मेंऽऽ अेर म्हारा प्यारो रै एकला रेवै च नै इतरा बड़ाऽऽ
ऐ! मैहल में, अेर भाई प्यारोऽऽ

आज म्हारा राजा रै ऐकलो ई रेवै चो कै मैहल कैऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै एकला रेवै च कै मैहल कैऽऽ 
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै एकला रेवै च कै मैहल कैऽऽ 
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा प्याराऽऽ

देख म्हारा खावन रै कोन कैऽऽ कोन कै रै थासूं छोटी  
ऐ! बैहणऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै कोन कै कोन कै रै थासूं छोटीऽऽ
नणदलऽऽ!
ऐ! बैहणऽऽ अेर म्हारा प्याराऽऽ

अेर म्हारा खावन रै उका रै लड़ाती नै मै भीऽऽ
ऐ! लाड़ऽऽ अेर म्हारा खावन रै उका लड़ाती नै मै भीऽऽ
ऐ! लाड़ऽऽ अेर म्हारा खावन रै उका लड़ाती नै मै भीऽऽ
ऐ! लाड़ऽऽ अेर म्हारा खावनऽऽ

देख म्हारा राजा जी कोन कै रै कोन कै रै थासूं छोटोऽऽ
ऐ! भाईऽऽ अेर म्हारा राजा जी कोन कै रै कोन कै रै छोटोऽऽ
भायो! देवर कोनै क देवर
ऐ! भाईऽऽ अेर म्हारा राजा रै कोन कै कोन कै रै छोटोऽऽ
भाईऽऽ अेर भाई राजाऽऽ

देख म्हारा खावन जी देवर का लडालैती घैरा-घैराऽऽ
ऐ! लाडऽऽ अेर म्हारा खावन जी रै देवर का लडालैती घैरा-घैराऽऽ 
ऐ! लाडऽऽ अेर म्हारा खावन जीऽऽ

देख भरतहरी कोन कैऽऽ कोनै कै रै सासू म्हारैऽऽ
ऐ! आगैऽऽ अेर म्हारा खावन जी रै कोनै कै कोनै कै रै सासू म्हारैऽऽ
ऐ! आगैऽऽ अेर म्हारा खावन जीऽऽ
देख म्हारा राजा रै लळ-लळ रै दाब दै नै उकाऽऽ
ऐ! पांवऽऽ अेर म्हारा राजा रै लळ-लळ दाब देती नै उकाऽऽ
ऐ! पांवऽऽ अेर म्हारा राजा
लळ-लळ देती नै सासू कैऽऽ
ऐ! ढोकऽऽ अेर म्हारा राजा जी रै लळ-लळ देती नै रै सासू कैऽऽ
प्यारो म्हारो!
ऐ! ढोकऽऽ अेर म्हारा राजा जी रै लळ-लळ देती नै रै सासू कैऽऽ
ऐ! ढोकऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ

भरतहरी महाराज की...
जय होऽऽ!

कोनै कै म्हारा खावन जी थाँँसू छोटो भाई तो एकला ही रैह च इतरा बड़ा मैहल कैऽऽ
माईने भाई!
अरे म्हारा राजा भरतहरी कोनै कै म्हारा ठाकर जी कोनै कै बावन गढां का गढपती थाँकैऽऽ
कांई भाईऽऽ!
थाँँसू छोटो भाईऽऽ
हम्मै भईयाऽऽ!
कोनै कै छोटी थासूंऽऽ
बैहण भाईऽऽ!
कोनै कै थांकी माई जिंदी कोनै कैऽऽ
कोनै कै भाईऽऽ!
सासू का लागती मै लळ-लळऽऽ
पाँव भाईऽऽ!
अतरी बात कैहता ही राणी श्यामदै नै भरतहरी कीऽऽ भाई विक्रमादीत, की माता कीऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!
माता की ज्या दिन याद आ जाओ च आपा भाई कू मर्या कू छोडर आया चऽऽ आपणा भाई कू साँप खायो चो बन कैऽऽ
माईनै भाईऽऽ!
आपणी माता कू और आपणी भैहणा कू रोती छोड़ी ज्या बगट बनी में डोबा पयाड़ कैऽऽ
कांई भाईऽऽ!

तो भरतहरी महाराज लैबा चल जाओ जहा छोडर आयो जां पूंच ग्योऽऽ लळ-लळ रोवै भरतहरीऽऽ
महाराज भाईऽऽ!
शंकर भगवान प्रगट हो गियोऽऽ
हो गियो भईयाऽऽ!
अरे भरतहरी कुण कू रोऐ चऽऽ!
मै बाबा मै म्हारी माता कूऽऽ म्हारा भाई कूऽऽ म्हारी बैहण कू छोड़ ग्यो डोबा प्याड कैऽऽ!
मांई भाईऽऽ! 

अरे इतनी बाँता कह र्यो च ज्या दिन भरतहरी डळ-डळ रोर्यो च रै बगट बनी कैऽऽ
माईने भाईऽऽ!

शंकर भगवान प्रगट हो जाओ च जहाँ महात्मा की धूणी च पास मेंऽऽ
महात्मा की धूणी बदल जा थारी माताऽऽ
माता भाईऽऽ!
थारी बैहणा थारो भाई मिल जाऔगोऽऽ
मिल जायगो भाईऽऽ!
तो भरतहरीऽऽ!
हम्मे भाईऽऽ!
विक्रमादीत और ऊकी भईया माताऽऽ 
माताऽऽ!
पानदैऽऽ
हम्मे भाईऽऽ!
और मेणावन्ति भैहणाऽऽ
भैहणा भाई!
सगड़ा ही एक जगह मल जाओ चऽऽ
मल ग्या च भाई!
भाग‘र मलबा लाग जाओ चऽऽ
लाग ज्या च भईया!
भरतहरी भईया ज्या दिन कुण सूऽऽ
कुण सू भाईऽऽ!
विक्रमादीत सूऽऽ
हम्मै भाईऽऽ

आज रै म्हारा प्यारा वो लीला रचै च शंकर भोला नाथ की बिगट बनी कैऽऽ
माईनै भाईऽऽ!

सगड़ा ई आग्या च मैहल कै माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽ
ऐ! सगड़ा आग्या च नै मैहल कैऽऽ 
माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै सगड़ा आग्या च नै मैहल कैऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै सगड़ा आग्या च नै मैहल कैऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा प्याराऽऽ

सगड़ा ही आग्या मैहल कै मांईनै ज्या दिन भईया राज करबा लाग ग्यो च कुण? राजा भरतहरी ऊ भईया धारा नगरी शहर कैऽऽ
माईने भाईऽऽ!
अरे म्हारा प्यारा वो जा दिन कैहबे लाग जाओ च भरतहरी जा दिन कुण कैऽऽ
काँई भाईऽऽ!  
विक्रमादीत कै तांईऽऽ!

आज रै भाई विक्रमादीत तू राज कर ली जो म्हारो ई शहर कैऽऽ
माईनै भाईऽऽ!
मै ज्या दिन गायां छुडाबै गियो चो चुचक शैहर कैऽऽ
काँई भाईऽऽ!
मांईनै म्हारा भाई रै मै जांऊगो भगती बोली ची शंकर भोला नाथ की बाराह बरस की बिगट बनी कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!

राजा भरतहरीऽऽ
अरे भाईऽऽ
भगती करबा जा र्यो च बिगट बनी कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ
राज समड़ा दियो च विक्रमादीत कैऽऽ
कांई भाईऽऽ

राजा भरतहरी नै अशो राज कर्यो चऽऽ
कर्यो च भाई!
राजा भरतहरी का राज कै मांईनै बन को नाहर,
नाहर भाई!
और बकरी एक कुण्ड के माई पाणी पीवे चा तो नाहर की हिम्मत वा कोण चाले ची भईया जै बकरी कू खा जाए,
खा जाए भाईऽऽ
अशोई राज भाई तू करजो म्हारै पछाड़ी सूं कह च,
हम्मै भाईऽऽ!
विक्रमादीत,
दीत भईया!

राज समळार चल जाओ च भरतहरी भईया भगती करबा लाग जाओ च बाराह बरस पूरा हो जाओ च,
हो जा च भईयाऽऽ!

ज्या दिन श्यामदै राणी कह री च चाकर का माल का कै,
काँई भाईऽऽ!
आज म्हारा नौकर जा दिन सुण लै नै दिल कीऽऽ
बातां भाईऽऽ!
जा म्हारी बांदी नौकर नै जल्दी बुला लाई मैहल कैऽऽ
माई भाईऽऽ!
जार कह दी जो नौकर माल का कै तांई ज्या दिन काड़ो सांप आग्यो मैहल कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!

देख भाई माल का राणी रै बलावै च रंग काऽऽ
ऐ! मैहलऽऽ अेर भाई माल का रै राणी बलावै च रंग काऽऽ 
ऐ! मांईऽऽ अेर भाई माल का रै राणी बुलावै च रंग काऽऽ 
ऐ! मैहलऽऽ अेर भाई माल का रै राणी बुलावै च रंग काऽऽ 
ऐ! मैहलऽऽ अेर भाई माल काऽऽ

देख म्हारा नौकर म्हारो पियोजी बण जावै नै रै मैहल कैऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर भाई माल का रै पियोजी बण जावै नै मैहल केऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर भाई माल काऽऽ

देख म्हारा नौकर थारो आरत्यो कर द्यो रै रंगऽऽ
ऐ! मैहलऽऽ अेर म्हारा नौकर रै आरत्यो कर द्यो नै रै रंगऽऽ
वा प्याराऽऽ!
ऐ! मैहलऽऽ अेर भाया नौकर रै आरत्यो कर द्यो रै रंगऽऽ
ऐ! मैहलऽऽ अेर भाई नौकरऽऽ

श्यामदैऽऽ कह री च रै मैहलांऽऽऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर भायां प्यारों रै श्यामदै कह री च रै मैहलांऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर भायां प्यारों रै श्यामदै कह री च रै मैहलांऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर भाई प्यारोंऽऽ 

ये बात!

देख भाई मरदों रै विक्रमाऽऽ कह र्यो च रै नौकर कैऽऽ
ऐ! तांईऽऽ अेर भाई विक्रमा जा दिन कह र्यो च रै नौकर कैऽऽ
ऐ! तांईऽऽ अेर भाई विक्रमाऽऽ

म्हारा नौकर रै भाभी नै समाळा नै मैहलांऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा नौकर रै भाभी ने समाड़ै नै मैहलांऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर...
म्हारा नौकर रै खाबा पीबा को समाळेगां मैहलांऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा नौकर रै खाबा पीबा को रै समाळैगांऽऽ
ऐ! मैहलऽऽ अेर म्हारा नौकरऽऽ

वाह प्यारोऽऽ!

ये बातऽऽ!

ये बातांऽऽऽऽ

आज म्हारा प्यारा वो नौकर कू रै ज्या दिन भौजाई कू भाभी राणी श्यामदै कू देखै च विक्रमाऽऽ
दीत भाईऽऽ!
मैहल में बैठाई दीखै च रै ज्या दिन पाछा ई बावड़ै च नै विक्रमाऽऽ
दीत भाईऽऽ!
आज ज्या दिन घबराग्यो च माल का चाकर मैहल कैऽऽ
माईने भाईऽऽ!
राणी श्यामदै कह री च म्हारा प्यारा वो जा दिन नौकर कैऽऽ
तांईऽऽ!
कोई घबराबाड़ी चिनता को नै म्हारा नौकर माल का मैहल कैऽऽ!
माईनै भाईऽऽ!

म्हारा देवर के रै लगाऊंगी काळोऽऽ
ऐ! ओहोऽऽऽऽ 
अेरऽऽ काळो आज भीऽऽ म्हारा दैवर कै लगाऊंगी रै काळो रैऽऽ
ऐ! दागऽऽ अेर भाई काळो देवर कैऽऽ 
ऐ! लगाऊंगी रै काळो रैऽऽ
ऐ! दागऽऽ अेर भाई मरदोऽऽ  

हाँ प्यारों!

देस निकाड़ो दुआदूंगी देख भईया म्हारा देवर कू घबरावाड़ी चन्ता कोनेऽऽ
कोने भाईऽऽ!
काळो लगा द्यूँ भरतहरी आबाड़ो च दिन पूरा हेेग्या भगती करबे गियो चो शंकर भोळा नाथ की बगट बनी केऽऽ
माईने भाईऽऽ!

राजा भरतहरी भगती कर आवै च जा दिन शैहर कैऽऽ
माईने भाईऽऽ!
अम्बर फळ दियो चो शंकर भोळानाथ नै ज्या दिन भईया राजा भरतहरी कैऽऽ
तांई भाईऽऽ!
राणी राजी कोनै होई घोड़ा की ठांण मे देख कर राजा भरतहरी नै पड़गी च मैहल कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!
चुड़लो मोड़ गाल्यो राजा भरतहरी को हाथी दांत को मैहल कैऽऽ
मांईनै भईयाऽऽ!

आज म्हारी राणी कांई हैग्यो श्यामदै का बता दै सांसाऽऽ
भैद भाईऽऽ!
देख म्हारी गौरी जी ठोकर लागी होओ तो डूंगर दूरां करा द्युँ ई शैहर कैऽऽ
माईनै भईयाऽऽ!
काँटो बाग्यो होवै तो म्हारी राणी जी बैड्या डूंडी करा द्युँऽऽ
करा द्युँ भाईऽऽ!
कोई नै आंगळी करी होवै तो आंगळीऽऽ
कटा द्युँ भाईऽऽ!

देख म्हारी गौरी रै दिल का तो बता दै नै सांसाऽऽ
ओ! भेदऽऽ अेर म्हारी राणी रै दिल का बता दै नै सांसाऽऽ
ऐ! भेदऽऽ अेर म्हारी राणी रै दिल का बता दै नै सांसाऽऽ
भेद! अेर म्हारी राणी रै दिल का बता दै नै सांसाऽऽ
ऐ! भेदऽऽ अेर म्हारी राणीऽऽ 

आज म्हारा खावन रै थारै रै लायो च कै थाराऽऽ
ऐ! भाईऽऽ अेर म्हारा खावन रै थारै लायो च नै थाराऽऽ
ऐ! भाईऽऽ अेर म्हारा खावन रै थारै लायो च नै थाराऽऽ
ऐ! भाईऽऽ अेर म्हारा खावन रै थारै लायो च नै थाराऽऽ
ऐ! भाईऽऽ अेर म्हारा खावनऽऽ

देख भरतहरी रै राज समळाई गियो थाराऽऽ भाईऽऽ
अेर म्हारा खावन रै राज समळा दियो थारा रैऽऽ
ऐ! भाईऽऽ अेर म्हारा खावन रै राज समळा दियो थारा रैऽऽ
ऐ! भाईऽऽ अेर म्हारा खावनऽऽ

देख भरतहरी के जचबा मंे कोनै आवै रै बिलकुल रैऽऽ
ऐ! बातऽऽ अेर भाई भरतहरी रै जचबा मंे नै आवे नै बिलकुलऽऽ
ऐ! बातऽऽ अेर भाई राजाऽऽ

देख म्हारा खावन रै कमर रै कटारो बांकड़ोऽऽ
ओ या चऽऽ अेर म्हारा...
भरतहरी देखो नै देखो नै रै देबीऽऽ
ऐ! या चऽऽ अेर भाई भरतहरी रै देखो देखो नै रै देबीऽऽ
ऐ! मैहल मेंऽऽ अेर भाई... 
 
म्हारा राजा जी मैहलां में देखै नै रै देबीऽऽ
ऐ! या चऽऽ अेर म्हारा राजा रै मैहलां मे देखो नै रै देबीऽऽ
ऐ! या चऽऽ अेर म्हारा राजा

देख म्हारा खावन जी नौकर सूँ पूछे नै मैहलांऽऽ
ऐ! भाई! अेर म्हारा खावन रै नौकर सूँ पूछे नै मैहलांऽऽ 
ऐ! भाई! अेर म्हारा...

म्हारा राजाजी बांदी सूं पूछे नै रंग काऽऽ
ऐ! मैहलऽऽ अेर म्हारा राजन रै बांदी सूं पूछे नै रै रंग काऽऽ
ऐ! मैहलऽऽ अेर म्हारा राजन रै बांदी सूं पूछे नै रै रंग काऽऽ
वाह प्यारा!
ऐ! मैहलऽऽ अेर म्हारा राजनऽऽ

ईयां रै कह री च राणी रैऽऽ 
ऐ! श्यामऽऽ दै अेर भाई मरदोऽऽ
ईयां रै कह री च नै राणीऽऽ 
ऐ! श्यामऽऽ दै अेर म्हारा राजा रै ईयां रै कह री च नै राणीऽऽ
ऐ! श्यामऽऽ दै अेर म्हारा राजाऽऽ

हाँ प्यारेऽऽ!
हाँ रे म्हारा सांवराऽऽ!

हाँ!
क्या केहणा भाईऽऽ!

गायक कलाकारऽऽ
हम्मे भाईऽऽ
अंतर लाल योगीऽऽ
योगी भाईऽऽ
गाँव बंदाऽऽ
बंदा भाईऽऽ

पंुगी का बजईयाऽऽ
हम्मे भाईऽऽ
रामस्रूप योगीऽऽ
योगी भाई!

खंजरी का बजईयाऽऽ
हम्मे भाईऽऽ
बलराम योगीऽऽ
योगी भाईऽऽ
ग्राम झोपड़ाऽऽ
हम्मे भाईऽऽ

मजिरा बजईयाऽऽ
बजईया!
भैरूलाल योगी, गाँव बंदाऽऽ
बंदा भाई!

मजिरा बजईया बुद्धिप्रकाश योगीऽऽ
योगी भाईऽऽ
गाँव झोपड़ाऽऽ
हम्मै भाईऽऽ

आज म्हारा प्यारा वो नौकर नै भैजे च रै बाग कैऽऽ
ऐ! माईनैऽऽ अेर म्हारा...
भरतहरी रै नौकर नै भैजे च रै बागांऽऽ
ऐ! माईनऽऽ अेर भरतहरी रै नौकर नै भैजे च नै बागांऽऽ
ऐ! माईनऽऽ अेर भरतहरी नौकर नै भैजे च नै नै बागांऽऽ
ऐ! माईनैऽऽ अेर म्हारा राजो!

नौकर कह र्यौ च रै बिक्रमाऽऽ
ऐ! दीतऽऽ अेर म्हारा प्यारा रै नौकर नै भैजे च बिक्रमाऽऽ 
दीतऽऽ अेर म्हारा... 
बिक्रमा बीरो रै आग्यो च नै सारो रैऽऽ
ऐ! भाईऽऽ अेर बिक्रमा रै बीरो आग्यो च नै सारो रैऽऽ
ऐ! भाईऽऽ अेर बिक्रमाऽऽ

कोनै रै बहलावै च मैहलांऽऽ
ऐ! माईऽऽ अेर म्हारा बीरा रै कोनै बहला वै च मैहलांऽऽ
ऐ! माई! अेर म्हारा बीराऽऽ

ऐ! बिक्रमा राजी रै हैग्यो च रै बागांऽऽ
ऐ! माईऽऽ अे रै बिक्रमा रै राजी हेाग्यो च नै मैहलांऽऽ
ऐ! माईऽऽ अे रै...

मंतर बोलो बिक्रमा कैह र्यो च रै नौकर कैऽऽ!
ऐ! तांईऽऽ अेर भाई बिक्रमा रै नौकर नै कैह र्यो च नै ज्या दिनऽऽ
ऐ! बाहरैऽऽ अेर बिक्रमा रै नौकर नै कैह र्यो च नै ज्या दिनऽऽ   
केह र्यो च मईया बागां मां आ आंऽऽऽऽऽऽ आं!
आंऽऽऽऽऽऽऽऽ आं!
बोलो हरीऽऽ!

बालै भरतहरी महाराज की...
जय होऽऽ!