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Publish on: 12-04-2018

Madan Meena

Madan Meena is a visual artist and researcher. He has worked extensively with artists and craftspersons from Rajasthan. His doctoral dissertation from the University of Rajasthan was on the 'Art of the Meena Tribe'. He continues to work as a researcher with the women of the Meena tribe and has documented and exhibited their Mandana wall paintings across the country and abroad. He has published two books on the subject, 'Joy of Creativity' and 'Nurturing Walls'. As a practising visual artist, Madan has exhibited his own works extensively.

As a curator, he has designed an exhibition on brooms for Arna Jharna, the 'Desert Museum of Rajasthan’ of Rupayan Sansthan. For this he travelled throughout Rajasthan studying the broom-making communities, their socio-political and cultural issues. He was Associate Director for the film ‘Jharu Katha’ on the same subject.

His association with late Komal Kothari, one of India's leading folklorists and oral historians inspired him to start his independent research and documentation in eastern Rajasthan where he is based. He has been recording oral traditions among the rural communities for a long period. Madan received a grant from Cambridge University under the World Oral Literature Project (WOLP) to document Tejaji Ballad. Under the grant he has published a book ‘Tejaji Gatha’ and an audio DVD. His interest in languages has led him to start his work on the secret language of the nomadic and de-notified tribes residing in Rajasthan. For this he has received a fellowship from the Firebird Foundation for Anthropological Research, USA. As a state coordinator for Bhasha Research and Publication Centre, Baroda he edited the Hindi and English volumes of Rajasthani languages under the People’s Linguistic Survey of India project. He was also a state coordinator for ICSSR’s project of surveying the educational status of the nomadic and de-notified tribes of Rajasthan.

Madan has received a Senior Research Fellowship from CCRT-Department of Culture, Govt. of India to extend his work in folklore studies in Marwar (western Rajasthan). He is a Trustee of Bhasha Research and Publication Centre, Vadodara and Executive Member of Kota Heritage Society. As a visiting faculty he teaches traditional crafts at the Indian Institute of Crafts and Design, Jaipur. He currently works and lives in Kota, Rajasthan.

Banda-Rajasthan, October 2017, Audio File 3/7

 

आॅडियो फाईल नं॰ Bharathari-03

मन लोभीऽऽ मन लालचीऽऽ मन चंचल मन चोरऽऽ
चोर भाईऽऽ!
मन कै मतै मत चालणा यै लाडला ओ रै पलक-पलक में या औरऽऽ
और च भईयाऽऽ!
हर मंदर में चोरी होईऽऽ चोरी में गई नही एक लालऽऽ
लाल भाईऽऽ!
हर मंदर में चोरी होईऽऽ चोरी में गई नही एक लालऽऽ
लाल भाईऽऽ!
अरे ड़ाँका तो लाग्या कोनै फूटी नही दुवालऽऽ
दुवाल भाईऽऽ!
हाथी छूटा ठाण्ड सूँ कस्बो पड़ी पुकारऽऽ
पुकार भईयाऽऽ!
दस दावाजा तो बंद चा रै फैरो भी निकड़ गियोऽऽ ई असवारऽऽ
असवार भईयाऽऽ!

प्यारै सज्जनों जा दिन काँई लीला काँई होए च षंकर भोला नाथ कीऽऽ
नाथ की भाईऽऽ!
राजा पैपसिंह जा दिन राणी नै कैहबा लाग जाओ चऽऽ
काई कहरियो च भईयाऽऽ!
बाई तो परणाऊंगाऽऽ 
हम्मै भाईऽऽ!
पर आपणा मैहल के म्हाई रखाणैंगा बेटी-जुआँईऽऽ
माईनै भाईऽऽ!
कशा रखणागौ देखांऽऽ

आज लाखो प्रजापत आर्यौ च म्हारा प्यारा वो जा दिन ई लाखा प्रजापत का मैहल कै म्हाईऽऽ अर अठी न सँू ही आवे च नै राजा पैपसिंहऽऽ
पैपसिंह भाईऽऽ
राजा पैपसिंह आर्यौ  च लाखा प्रजापत का मैहल कैऽऽ
माईनै भाईऽऽ
माईनै कैहर्यो च लाखा प्रजापत न जा दिन भईया पैपसिंह राजो मैहल कैऽऽ 
माईनै भईयाऽऽ
ऐ! भई लाखाऽऽ 
अरे भाईऽऽ
म्हारी बाई न तो परणाऊँगांऽऽ 
परणाऊँगां भाईऽऽ
और भाईया जा दिनऽऽ नाई का कू भैज दै चऽऽ
भैज दै च भाईयाऽऽ
बिलड़ा-पानड़ा लैर आओ च लगनऽऽ
लैर आओ चऽऽ
तो लाखो प्रजापत गाँव का नै हैला पाड़वै लाग जाओ च बस्तीकांन कँू  
कषा पाड़र्यो च भाईऽऽ

अ रे हैला पाड़ै लाखो बाबो रै कोई म्हारो लग्न झला जावौऽऽ
ऐ!! हैला पाड़े लाखो बाबो कोई म्हारो लग्न झला जावौऽऽ 
ऐ!! हैला पाड़े लाखो बाबो कोई म्हारो लग्न झला जावौऽऽ
ऐ!! हैला पाड़े लाखो बाबो कोई म्हारो लग्न झला जावौऽऽ

लग्न झला जावो रैऽऽ कोई म्हारो लग्न झला जावो रैऽऽ
ओ! हैला पाड़ै लाखो बाबो कै थाँ तो लग्न झला जावौऽऽ
ऐ!! हैला पाड़ै लाखो बाबो क थाँ तो लग्न झला जावौऽऽ
ऐ!ऽऽ! हैला पाड़ै लाखो बाबो थाँ तो लग्न झला जावौऽऽ

लग्न झला जावौऽऽ कोई म्हारो लग्न झला जावौ रैऽऽ
अरे! हैला पाड़ै लाखो बाबो क थाँ तो लग्न झला जावौऽऽ
हैऽऽ हैला पाड़ै लाखो बाबो क थाँ तो लग्न झला जावौऽऽ
हैला पाड़ै लाखो बाबो क थाँ तो लग्न झला जावौऽऽ

प्यारो म्हारोऽऽ!

लग्न झला जावौ म्हारो पंड़त पुजा जावौऽऽ
ओऽऽ हैला पाड़ै लाखो बाबो कै थाँ तो लग्न झला जावौऽऽ
ऐ!ऽऽ हैला पाड़े लाखो बाबो कै थाँ तो लग्न झला जावौऽऽ

प्यारो म्हारोऽऽ!

बोलै गुरू महाराज कीऽऽ 
जय होऽऽ

हैला पाड़ै च आज लाखो बाबो कोई म्हारो लग्न झला जावौऽऽ म्हारी गधी का रेंगटा कोऽऽ
रेंगटा को भाईऽऽ
बड़ी छबी सूँ लगन झलाव आ जाऔ चऽऽ
हम्मे भईयाऽऽ
आज रै प्यारा वो जान चंद्र जाबै लाग जावै गधी का रेंगटा कै लाखो प्रजापत जान चढ़ा दै च बिना गाजै-बाजैऽऽ
बाजा च भाईऽऽ
हांका एकी मार्ची च म्हारा प्यारा वो जा दिन मैहल कै माईनै लाखा प्रजापत का मैहल कैऽऽ
तांई भाईऽऽ

आज म्हारा प्यारा वो रै हांका हींकी मार्ची छै च मैहल कैऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै यांका इकी मार्ची छै च मैहल कैऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै यांका इकी मार्ची छै च मैहल कैऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽ

देख म्हारा प्यारा वोऽऽ परणै-परणै च गधी कोऽऽ
ओ! रेंगटोऽऽ म्हारा प्यारा वो रै परणै-परणै च गधी कोऽऽ
पानदै को!
ऐ!! रेंगटोऽऽ म्हारा प्यारा वोऽऽ

भाई मरदो रै ज्या दिन परणै च गधी कोऽऽ
ऐ!! रेंगटोऽऽ म्हारा प्यारा वो रै ज्या दिन परणै च गधी कोऽऽ
ऐ!! रेंगटोऽऽ म्हारा प्यारा वो रै ज्या दिन परणै च नै पानदैऽऽ
ऐ!! बाईऽऽ अरे भाई प्यारा वोऽऽ

हाँ प्यारोऽऽ!

लाड़ो लोट बगातो आयो रै लाड़ोऽऽ लोट बगातो आयो रैऽऽ
हम्मैऽऽ!
बाहर कढरी च भुआ तो भतीजी अब कड़स बंदा लै रीऽऽ
ऐ!! लाड़ोऽऽ लोट बगातो आयो लाड़ो रैऽऽ लोट बगातो आयो रैऽऽ
बाहरै कढरी भुआ भतीजी कड़स बंदा लै रीऽऽ
ऐ!! लाड़ोऽऽ लोट बगातो आयो रैऽऽ
बाहर कढरी भुआ-भतीजी रै कड़स बंदा लै रीऽऽ

ओ बाहरै रायब रै निकड़ दुखः पाँवऽऽ  
भाईऽऽ
तेरै में राणी रह या आरैऽऽ
ओऽऽ! डोला का रे दुखः रै पाँवऽऽ
तेरै में री राणी रह या आरैऽऽ
रायबर काऽऽ लाड़ा काऽऽ म्हारा भाईयोऽऽ
ओ बाहरै रायब निकड़ दुखः रै पाँवऽऽ
तेरै में राणी रह या आरऽऽ त्यौऽऽ

म्हारा रै ऊबा रायब रै का दुखः रै पाँवऽऽ
हम्मै भाई!
करै नै राणी रै आऽऽ रऽऽ त्योऽऽ
ओऽऽ म्हारा ऊबाऽऽ रायबर का दुखः रै पाँवऽऽ
ऐ! ऐ! ऐ!ऽऽ
रंग में राणी करैह आरऽऽ त्योऽऽ 
म्हारा ऊंबाऽऽ ऐ!! लाड़ा का रै दुखः रै पाँव कैऽऽ
रंग में राणी करैह आरऽऽ त्योऽऽ

प्यारो म्हारोऽऽ!

हाँ प्यारैऽऽ!

है है म्हारा साँवराऽऽ!

बोलै सच्चै दरबार कीऽऽ जय होऽऽ!

तो भईया लाड़ा बैई कहबा लाग जाओ च म्हारा ऊबा रायबर का दूखः च पाँव करेैने राणी आरतियोऽऽ
आरतियो भाई!
लाड़ो लोट फकातोई आयो रै बाहर कड़ री भूआ-भतीजी कड़स बंदा लै री।
बंदा लै भाई!

बड़ी छबी सूँ फैरा पड़बा लाग जाओ च गरजोड़ा जोड़ दिया च लाड़ा-लाड़ियाँ काऽऽ
लाड़ा-लाड़ी का भाई!
बैठगियो पंड़त ज्ञानी ज्या दिन म्हारा बीरो ज्या दिन वांईंऽऽ
हम्मै भाई!
राजा पैपसिंह का मैहल कै मंाईनैऽऽ
मांईनै भाई!
चारों खंूणा पै चूर्या मलवा दै चऽऽ 
मलवा दै च!

बरैणयाँ बोलबै लाग जाओ च वा पंडत झानीऽऽ
झानी भईया!
तो कांई फेरा पड़ै च देखां न राजा की बाई काऽऽ
बाई का भाई!
पानदै बाई काऽऽ गधी का रेंगट्या काऽऽ
रेंगट्या का भाई!

ओ प्यारों!

जय हो!

भाया रै गरजोड़ा वाँका जोड़ईदियाऽऽ
जय होऽऽ!
बड़ी छबी सूं जोड़ईदिया दो ही रिप्याऽऽ
ओ भाईऽऽ!
गरजोड़ा रै वाँ का दो ही रिप्याऽऽ
दिया चऽऽ!
लाड़ा लाईड़ी बैठ ई गियाऽऽ
दै गियाऽऽ!
हौम मंग्यारी रै होबै लाईगीऽऽ 
लागीऽऽ!
बैठ गियो रै पंडत झानीऽऽ
झानी भाईऽऽ!
बैठ गियो रै पंडत झानीऽऽ
कुटम्ब-परवार रै बैठ गियोऽऽ
बैठ गियोऽऽ!
काका-बाबा रै बैठ गियाऽऽ
बैठ गिया भाईऽऽ!
भुआ-भतीजी रै बैठ गईऽऽ  
ये बातऽऽ!
फैरा पड़बै लाग गियाऽऽ
लाग गियाऽऽ!
फैरा पड़ै च भाया जी दन भीऽऽ
पड़ै च भाईऽऽ!
फैरा पड़ै च रै लड़की काऽऽ
लड़की काऽऽ!
फैरा पड़ै च नै लड़की काऽऽ
पड़ै च भाईऽऽ!
बड़ी छबी सूँ तो फैरा तो पड़ैऽऽ
पड़ै च भाईऽऽ!
पहलो फैरो रै खावै रै लाड़लीऽऽ
लाड़लीऽऽ!
राजो भई म्हारा दान करैऽऽ
करै चऽऽ!
अन्न को दान दियो राजो जब अन्न को दान दियोऽऽ
ऐ!! दियो रै जब अन्न को रै दान दियो रै राजोऽऽ
जब अन्न को रै दान दियो रै राजोऽऽ
भाईऽऽ अन्न को दान दियो रै राजोऽऽ
भाईऽऽ अन्न को रै दान दियो रै राजोऽऽऽऽ

दूजा फैरा रै खावे रै लाड़लीऽऽ 
लाड़लीऽऽ!
राजा-राईनी दान करैऽऽ
करै भाईऽऽ!
बड़ी छबी सूँ रै दान होवैऽऽ
होवै चऽऽ!
काँई को दान करै रै राजोऽऽ
छल्ला-मूंनड़ी का दान दियाऽऽ
दै दियाऽऽ!
दूजा फैरा रै खागी रै लाड़लीऽऽ
लाड़ली भाईऽऽ!
छल्ला-मूंनड़ी का दान दियाऽऽ
दै दियाऽऽ! 
तीना फैरा रै खावै रै लाड़लीऽऽ
लाड़लीऽऽ!
पाँचू बरतन पाँचू रै कपड़ाऽऽ
कपड़ाऽऽ!
तन कपड़ा वाई न रै दै दियाऽऽ
भाई तन कपड़ा ईऽऽ
अरे दै दिया रै वानै तन कपड़ा रै वानै दै दिया रै भाईऽऽ
तन कपड़ा रै वाने दै दिया रै भाईऽऽ
तन कपड़ा रै वानै दै दिया रै भाईऽऽ
तन कपड़ा रै वाने दै दिया भाईऽऽ
तन कपड़ा रै वाने दै दिया भाईऽऽऽऽ

चारवाँ फैरा रै खागी रै लाड़लीऽऽ राजा-राईनी दान करैऽऽ
राजा-राणीऽऽ
ऐ!! दान करै रै भाईऽऽ राजा रै राणी रै दान करै रै भाईऽऽ
राजा राणी रै दान करै रै भाईऽऽ
हाँ भाईयोऽऽ!
राजा राणी रै दान करै रैऽऽऽऽ

पाँचवा फैरा रै खावै रै लाड़लीऽऽ
लाड़लीऽऽ!
राजा-राईनी दान करैऽऽ
हाँ भाईऽऽ!
राजा-राईनी दान करैऽऽ
करे चऽऽ!
चाँदी सोना को दान दियो वानै रै चाँदी सोना कोऽऽ
ऐ! दान दियो रै वाने चाँदी रै सोना को रै दान दियो रै वानैऽऽ
चाँदी सोना को रै दान दियो रै वानैऽऽ
चाँदी सोना को रै दान दियो रै वानैऽऽ
चाँदी रै सोना को रै दान दियोऽऽ

छट्टा फैरा खागी लाड़ली गज इष्टाया कोऽऽऽऽ
ऐ! दान दियो रै भाईऽऽ गज इष्टाया को रै दान दियो रै वानैऽऽ
गज इष्टाया को रै दान दियो रै भाईऽऽ
गज इष्टाया को रै दान दियो रै वानेऽऽ
गज इष्टाया को रै दान दियोऽऽऽऽ

सातवाँ फैरा रै खागी रै लाड़लीऽऽ
लाड़लीऽऽ!
सातवाँ फैरा रै खागी रै लाड़लीऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!
वाह प्याराऽऽ!
गऊ माता को दान दियो वानै गऊ माता कोऽऽ
ऐ!! दान दियो रै वाने गऊ माता को रै दान दियो रै वानैऽऽ
गऊ माता को रै दान दियो रै वानेऽऽ
गऊ माता को रै दान दियो रै वानेऽऽ
गऊ माता को रै दान दियोऽऽ!

बोलै गरू महाराज कीऽऽ 
जय होऽऽ!

प्यारे बन्धुओंऽऽ
हम्मै भईया!
पानदै बाई का फैरा पड़ जाओ च राजा-राणी दान कर दै चऽऽ
जान कू बद्या भी करबै लाग जाओ चऽऽ
लाग जाओ च भाई!

राजा की भईया पैपसिंह की घरवाड़ी काई ग्याड़ गाबा लाग जाओ च जान बद्या होवैऽऽ
लागरी च!

रामनुआस बाग में सूँ म्यालण आयी रै भोले म्यालणऽऽ
ऐ!! आयी वाऽऽ तोड़ लाई फूल का गूदण लाई हारऽऽ
पैहरो राजाऽऽ दशरथ राज कुमारऽऽ
ऐ! रामनुआसऽऽ बाग में सूँ म्यालण ल्याई रै भोलै म्यालण आयी वाऽऽ
तोड़ लाई फूल फूदण लाई याऽऽ
पैहरो राजाऽऽ दषरत राज कुमारऽऽ

ऐ! र म्हाका ब्याईजी लागो तो म्हाका समदी जीऽऽ
ऐ!! 
थाँको लड़को महाँकी लड़की षादी कर ल्याँऽऽऽऽ  
हाँ! मोहन म्हारा ब्याई बण ल्याऽऽ
थाँको लड़कोऽऽ महाँकी लड़की षादी कर ल्याँऽऽ
मोहन म्हारा ब्याई बण ल्याऽऽ

पैहली-पैहली माळा श्री गणपत जी नैऽऽ 
दीनी भाईऽऽ
गजानंद नै दीनीऽऽ
जय होऽऽ!

वई बणा च रिद्ध-सिद्ध का भरतारऽऽ
पैरो राजा दषरथ राज पंवारऽऽ 
पैरो राजा दषरत बाग द्ववारेऽऽ

दूजी-दूजी माळाऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!
दूजी-दूजी माळा रै केई दिन लाखाजी नैऽऽ
पैहरीऽऽ!
लाखाजी नै पैहरीऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!

वैई लागौ चो म्हाका ब्याण का भरतारऽऽ
हाँ! पैहरो राजाऽऽ दषरथ राज कुमारऽऽ 
रामनिवासऽऽ बाग में सूँ म्यालणऽऽ ल्याई भोले म्यालण आयीऽऽ
तोड़ ल्याई फूल गुथण लाई हारऽऽ
पैहरो राजाऽऽ दषरत राज कुमारऽऽ

बोलै षंकर भगवान कीऽऽ
जय हो!
अरे म्हारा बीर ओ बड़ी छबी सूँ फैरा पड़ जावै चऽऽ
हम्मै भाई!

आज रे म्हारा प्यारा वो फैरा यै पड़े च जा दिन पानदै बाई का गधी का रेंगटा का ई राजा पैपसिंह का मैहल कैऽऽ
मांईनै भईया!
मांईनै म्हारा प्यारा वो बेटी-जुआँई राखलिया च जा दिन गनर्दबसेन नैऽऽ जा दिन पानदैऽऽ 
बाई नै भाई!
बाई नै र जा दिन जान कू बरात कू बद्दया कर भैज दी च वां का ही षहर कैऽऽ
मांईने भईया!
वांका मैहल कैऽऽ
मांई!
आज राजा पैपसिंह ज्या दिन बेटी जुंआई राखै च तलगरा राखै मांईनै राखै च रै ज्या दिन गनरबऽऽ
सेन भाईऽऽ!

आज रै म्हारा प्यारा वो लीला होवै च षंकर भोला नाथ की ज्या दिन मैहल कैऽऽ
माईनै भाईऽऽ!
माईनै म्हारा प्यारा वो ज्या लीला होवै च षंकर भोलाऽऽ
नाथ की भईयाऽऽ!

गनरबसेन को वो रेवै च न ज्या दिन मैहल में महरत म्हारा प्यारा वोऽऽ
ऐ!! ज्या दिन रेवै च नै मैहल कैऽऽ
ऐ!! माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै ज्या दिन रेवै च नै मैहल कैऽऽ
ऐ!! माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै ज्या दिन रेवै च नै मैहल कैऽऽ
ऐ!! माईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽ
वाह म्हारा भाईयोऽऽ!
अेर म्हारा प्यारा वोऽऽऽऽ  

लीलाऽऽ रच दी नै रै भोळा रैऽऽ
ऐ!! नाथऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै लीला रच दी च नै भोळाऽऽ
ऐ!! नाथऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै लीला रच दी च नै षंकरऽऽ
ऐ!! नाथऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽऽऽ

आज जाणै रेवै रै मैहल कै मांई रैऽऽ
हम्मे भाईऽऽ!
रेवै च रै मैहल कै मांई रैऽऽ
ऐ! आज जाणे रेवै च रै मैहल के मांई रैऽऽ
आज जाणे रेवै च रै मैहल के मांई रैऽऽ
आज जाणे रेवै च रै मैहल के मांई रैऽऽ
ओऽऽ ओऽऽ!
आज जाणे रेवै च रै मैहल के मांई रैऽऽ

अरे लीला तो रै रचादी भोलानाथ अम्बर जाणै नाथ नैऽऽ भई रै नाथ नैऽऽ
हम्मै नाथ नैऽऽ भोळा नाथ नैऽऽ
रचाई दी रै मैहला रैऽऽ म्हाई नऽऽ हाँ रैऽऽऽऽऽऽ
हाँ प्यारोंऽऽ!
तेनै अब मैहलां तो रचादी रैऽऽ
अब जाणै लीला तो रचादी रैऽऽ
रचा दी रै रंग काऽऽ मैहल ई मेंऽऽ हाँ रैऽऽऽऽऽऽ

लै गया!

लीला रचगी च षंकर भोलानाथ कीऽऽ मुर्जी हो जाओ च षंकर भोलानाथ की कृपा हो जाओ चऽऽ
हो जा च भाई मैहल मेंऽऽ!
गनरबसेन कू पानदै बाई कू राजा पैपसिंह ने तलगरा कै माईनै वाड़ दियाऽऽ वाँ रैबे लाग गियाऽऽ
लाग गिया भाईऽऽ!
खर्चा-पाणी दै दियाऽऽ
दै दिया भाईऽऽ!
अरे जा दिन भईया षंकर भोलानाथ का बरदान चाऽऽ
हम्मे भईयाऽऽ! 
अरे जा दिन दिन में तो गधी को रेंगट्यो बण जाओ चो गनरभसेन भईयाऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!
र्यात में तो मनख्या भईया मनख्या दैही कर लै चोऽऽ
कर लै चो भाईऽऽ!  
दन में गधी को रेंगट्यो बण जाओ चोऽऽ 
बण जाओ चोऽऽ!

तो जा दिन भईया लीला ई है गी च बड़ा तो जनमै च उकै भरतहरी महाराजऽऽ 
महाराज भाईऽऽ!
और उसूं छोटो भाई जन्म आऔ च कुण जन्में च म्हारा प्यारा वोऽऽ
हम्मे भाईऽऽ!
बिक्रमादीत जन्म आऔ च छोटो भाई भरतरी सूँऽऽ
हम्मे भाई!
फैर ऊ जन्म आऔ च तीनवा नम्बर पै कुण जन्में चऽऽ 
हम्मै भाईऽऽ!
मेंणावंती बाईऽऽ
बाई भाईऽऽ!
चैथा नम्बर पै कषो जन्में च देखा नैऽऽ सलिमादीत! 
दीत भाईऽऽ!
चारू भैण-भाई को जन्म हो जाओ चऽऽ चारू भैण-भाई खेलबै लाग जाऔ च मैहल कैऽऽ
माईनै भईयाऽऽ!
अरे ज्या दिन पैपसिंह राजा की राणी कैह री च जावौ री म्हारी दास्याओं म्हारी बांद्याओ आपा नै बाई कू कुण नै परणा दीऽऽ गधी का रेंगटा कै साथ में।
साथ में भाईऽऽ!
तो जाओ देखा किसा कांई रैहो च आंपणी बांदी पानदै पाऔ च सुख पाऔ च जैका देखा नी भईया देखा नी आचाार विचार खबर लैर जल्दीऽऽ
आवौऽऽ!
तो काईं तो बांद्या जा री च मैहल के माईनै तलगरा कैऽऽ  
माईनै भाईऽऽ!
और आगै काई बातऽऽ
बणबै लाग री चऽऽ!

संत मिल्या ईतना टड़ै काळ-जाळ जम चोटऽऽ
चोट भाईऽऽ!
संत मिला सूँ ई ना टड़ै काळ-जाळ जम चोटऽऽ
चोट भाईऽऽ!
अरेऽऽ षीष नुवाबा सूँ ई झड़ पड़ै करोड़ पाप कीऽऽऽऽ
पोट भाईऽऽ!

ज्या दिन रै समसार पूछबै लाग जावै म्हारा प्यारा वो मैहल कैऽऽ
माईनै भाईऽऽ! 
पानदै बाई सूँ कैहबा लाग जाओ चऽऽ  
कांई कैह च भाई!
दास्यां कैह री च बांद्याऽऽ
कांई!
आज म्हारीऽऽ बाईसा वाँका बतावौ सांसा भैदऽऽ
भैद भईयाऽऽ!
वाँका भैद बताद्योऽऽ
हम्मे भाईऽऽ!
आपणै पांवणो किषा तो आवै च मैहल में किषा जावै चऽऽ
जावै च भईयाऽऽ!
हाथ में किताब लै मेलीऽऽ पानदै बाई पढ़ री मैहल कै माईनै चार बेटा-बेटी खैल र्या तलगरा कैऽऽ
मांईनै भईयाऽऽ!
तो कांई कैह री च बांद्या कै तांईऽऽ
कांई कैह री च भाईऽऽ!
पानदै बाई कह री च देखा नीऽऽ
कांई कैह री च भईयाऽऽ!

हूँ-हूँऽऽ
 
हाथ में किताब म्हारी रैऽऽ कणया में कूँची राम रैऽऽ कणया में कूँचीऽऽ
हाँ! हाथ में किताब म्हारीऽऽ कणया में कूँची राम रैऽऽ कणया में कूँचीऽऽऽऽ
वा प्यारा वोऽऽ!
ओ! हाथ में किताब म्हारीऽऽ कणया में कूँची राम रैऽऽ कणया में कूँचीऽऽ

म्हारी मम्मी सूँ कह दी ज्यो उढ़गी चैन की चड़ीऽऽऽऽ
ओ! म्हारी ज्यामण सूँ कह दी ज्यो कह दी ज्यो उढ़गी चैन की चड़ीऽऽ
ओ! म्हारी ज्यामण सूँ कह दी ज्यो उढ़गी चैन की चड़ीऽऽ
म्हारी मम्मी सूँ कह दी ज्यो उढ़गी चैन की चड़ीऽऽ

चैन की चड़ीऽऽ उढ़गी चैन की चड़ीऽऽ
ओ! म्हारी माता सूँ कह दी ज्यो उढ़गी चैन की चड़ीऽऽ
म्हारी ज्यामण सूँ कह दी ज्यो उढ़गी चैन की चड़ीऽऽ
म्हारी माता सूँ कह दी ज्यो उढ़गी चैन की चड़ीऽऽ!
 
टपरा की तो ब्याड़ तोड़ ग्यौऽऽ छपर्या की बातीऽऽ 
छपर्या की तो ब्याड़ तोड़ ग्यो रैऽऽ बाड़ा की बातीऽऽ 
ओ! टपरा की तो ब्याड़ तोड़ ग्योऽऽ छपर्या की बातीऽऽ
राम रैऽऽ! छपर्या की बातीऽऽऽऽ 

धोळा लेंहगा आड़ी नैऽऽ भई रै लीला लेंहगा आड़ी नै कुण लेग्यो रै कुण की चालगी छातीऽऽ 
ओऽऽ! लीला लेंहगा आड़ी नै कुण लै ग्योऽऽ कुण की चालगी छातीऽऽ 
ऐ!ऽऽ! लीला लेंहगा आड़ी नै कुण लै ग्योऽऽ कुण की चालगी छातीऽऽऽऽ

प्यारो म्हारोऽऽ!
हाँ भाईऽऽ!

बोल भरतहरी महाराज की...
जय होऽऽ!
 
प्यारे सज्जनों भरतहरी महाराज की कथा चालू हो जाओ च अबऽऽ
हम्मे भईयाऽऽ!

पानदै बाई कैह री च म्हारी माता सूँ कैह दी जो - उड़गी चेन की चरीऽऽ मोकू गधी का रेंगटा के परणाई चीऽऽ षंकर भोलानाथ की लीला हो जाओ च गुरू महाराज परमात्मा कीऽऽ
हो जा च भाईऽऽ!
बड़ो तो भरतहरी जन्माओ च छोटो विक्रमादीत जन्मायो जीसू छोटी भईया मेंणावन्ती बाईऽऽ
बाईऽऽ!
जन्माओ च भईया सलीमादीत...  
दीत भाईऽऽ!
सगड़ी बांता सुणा दी कै थाँको जीजाजीऽऽ थाँको फूफाजीऽऽ कै चर-फर आओ च जीको रेंगटो...
रेंगटो भईयाऽऽ!

आज रे म्हारा बीरवो म्हारा प्यारा वो जा दिन लीला हेवै च नै षंकर भोळा... 
नाथ की भाईऽऽ! 
राजा पैपसिंह की राणी बान्द््या नै खंदा दी च कड़ो तेल क्यों रोषन डालयावो खोड्या पै दावाजा के!
काँई भाईऽऽ! भईयाऽऽ!

जीमें लाऐ! रै लगावै नै मैहला मांईनैऽऽ हाऽऽ!
अेर म्हारा प्यारा वो रै लाऐ! लगावो नै मैहलांऽऽ
ऐ! मांईऽऽ अेर भाई प्यारा वो रै लाऐ! लगावो नै खोड्या कैऽऽ
ऐ! आगऽऽ अेर भाई प्यारा वो रै लाऐ! लगावो नै खोड्या कैऽऽ
ऐ! आगऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोेऽऽ

आज म्हारी बाँद्या वो पाँवणों ऐ! रह ज्यागो री मैहल कैऽऽ
ऐ! मंाईऽऽ अेर म्हारी बाँद्या वो रै पाँवणों रह ज्यागो नै मैहल कैऽऽ
ऐ! मांईऽऽ अेर म्हारी बाँद्या वो रै पाँवणों रह ज्यागो नै मैहल कैऽऽ
बोलो बोलोऽऽ!
ऐ! मंाईऽऽ अेर म्हारी बाँद्या वोऽऽ!

आज म्हारी दासयाओ आपणै पाँवणों रैह ज्यागो गधी को रेंगटो तो बड़ जाओगोऽऽ खोड्यो तोऽऽ
बड़ जाओगो भाईऽऽ!
अरे ज्या दिन लाई लगा जाव च दास्या बाँइया मैहल के!
मांईनै भाईऽऽ!
और अतनी बांता हो जाओ च म्हारा बीर वो ज्या दिन भईया ज्या दिन खोड्यो बड़बै लाग जावै गधी का रेंगटा को मैहल कै...
माईनै भईयाऽऽ!
गधी को रेंगटो कहर्यो गनरबसेन जा दिन भईया कुण के ताईं? पानदे राणी कै!
कांई भाईऽऽ!
पानदै बाई कै ताईं कहबा लाग जाओ च आज म्हारी राणीऽऽ
राणीऽऽ!
अरे म्हारो जीव कडोऽऽ मै बड़तो ही आग्यो!
आग्यो भाईऽऽ!
हाँ म्हारो खोडो बड़तो आग्योऽऽ म्हारो षरीर बड़तो आग्योऽऽ म्हारी राणी!
राणी भाईऽऽ!
आज री म्हारी राणी तू गाँव कू छोड़‘र भाग जावै नै बगट बनी केऽऽ
माईने भाईऽऽ!
माँई म्हारी राणी री उन्दी-सूदी कर द्यँु आज में ई नगरी कूँऽऽ
नगरी कूँ भाईऽऽ!
अरे च्यारू ब्याड़का नै लैर बकट बनी में पूछगी च पानदै राणी म्हारा प्यारा वो मैहल कूँ छोड़गी च जावै च कांकड़ कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!

भाई म्हारा प्यारा वो रै लाई लाइगी च मैहलाँऽऽ
ऐ!! मांईऽऽऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै लाई लाग्गी च नै मैहलाँ कैऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रे लाई लाग्गी च रै मेहलाँ केऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रे लाई लाग्गी च रै मेहलाँ केऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽ!

आज म्हारा लाड़ला वो रै लाई लाइगी ची मैहल कैऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै लाई लाग्गी ची नै मैहल कैऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै लाई लाग्गी च नै मैहल कैऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽ!

आज पानदै पूछी रैऽऽ पूछी ची ऊ बन कैऽऽ  
ऐ!! मांईऽऽ अेर भाई पानदै रै पूछी पूछी च रै बन कैऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर भाई पानदै पूछी रै पूछी च रै बन कैऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर भाई पानदैऽऽ! 

हाँ प्यारोंऽऽ!

ऐ! रे पानदै डळ-डळ रोवै रैऽऽ 
ऐ!! पानदै डळ-डळ रोवै रैऽऽ 
पानदै डळ-डळ रोवै रैऽऽ
पानदै डळ-डळ रोवै रैऽऽ
पानदै डळ-डळ रोवै रैऽऽ

कुरड़ा री रै बन कै मांईनैऽऽ हाँ ई रैऽऽ 
हाँ! डळ-डळ बन में रोवै रैऽऽ
पानदै डळ-डळ रोवै रैऽऽ
रोवै च रै बन कै माईनैऽऽ हाँ रैऽऽऽऽ
 
बोले भरतहरी महाराज कीऽऽ 
जय होऽऽ!

पनदै राणी झर-झर रोरी च मैहल कै मांईनैऽऽ
मांईनै शईऽऽ!
आज म्हारा प्यारा वो ढळ-ढळ रोरी च मैहल कै मांईऽऽ पानदै रै रोवै च श्रतकरी रोवै च विक्रमा...
दीत भाईऽऽ!
दीत म्हारा प्यारा वो ज्या दिन रोवै सलीमादीत छोटो सोक बाळक छो रै जीकी माता की गोद कैऽऽ
मांईनै शईऽऽ!
अरे ज्या दिन वा की टैम-पास कोनै होवे ची म्हारा प्यारा वो खाबो पाणी मिलै श्ी कोनैऽऽ
कोनै शईऽऽ! 

अरे टैम-पास रै करै चा ऊ बन कैऽऽ
ऐ!! मांईऽऽऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै टैम-पास करै च नै बन कैऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै टैम-पास करै च नै बन कैऽऽ
ऐ!! मांईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽ!

अेर म्हारी ज्यामण री आपणी चल जावैगी री लखैरी सीऽऽ
ऐ!! ज्ञानऽऽ! अेर म्हारी माता री आपणी चल जावैगी ओ रातै रीतीऽऽ
ज्ञानऽऽ! अेर शई माताऽऽ

आपणी रै चल जावैगी नै रातै रीतीऽऽ
ऐ!! जानऽऽ अेर म्हारी माता री आपणी चल ज्यागी नै रातै रीतीऽऽ
ऐ!! जानऽऽ अेर म्हारी माता री आपणी चल ज्यागी नै रातै रीतीऽऽ
ऐ!! जानऽऽ अेर म्हारी माताऽऽ

आपां नै रै खा जावैगो बन कोऽऽ
ऐ!! नाहरऽऽ अेर म्हारी माता री आपां नै खा ज्यागो रै बन कोऽऽ
ऐ!! नाहरऽऽ अेर म्हारी माता री आपां नै खा ज्यागो बन कोऽऽ
ऐ!! नाहरऽऽ अेर म्हारी माताऽऽ!

आज म्हारी माता री उगतो री ढेग्यौ च सूरजऽऽ
ऐ!! बाहरैऽऽ अेर म्हारी माता री उगतो ढेग्यौ च नै सूरजऽऽ   
ऐ!! बाहरैऽऽ अेर म्हारी माता री उगतो ढेग्यौ च नै सूरजऽऽ
ऐ!! बाहरेऽऽ 

देख म्हारी जामण री उगतो री ढेग्यौ च नै षंकर शेळाऽऽ! 
ऐ!! नाथऽऽ देख म्हारी माता री उगतोई ढेग्यौ च नै षंकर शेळाऽऽ
ऐ!! नाथऽऽ देख म्हारी माता री उगतोई ढेग्यौ च नै षंकर शेळाऽऽ
ऐ!! नाथऽऽ

म्हारा लाड़लावो ढळ-ढळ रैऽऽ रोवै च रै पानदैऽऽ
ऐ!! बनऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो ढळ-ढळ रै रोवे च नै पानदैऽऽ
ऐ!! बनऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै ढळ-ढळ रोरी च नै पानदैऽऽ
ऐ!! बाईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै ढळ-ढळ ऐ!! रोरी च रै बन कैऽऽ
वा शईयोंऽऽ!
ऐ!! बाईऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽ 

प्यारो म्हारोऽऽ!

बोले बाबा गुरूगोरखनाथ जी महाराज की...
जय होऽऽ!

आज रै प्यारा वो ढळ-ढळ रोरी च पानदै बाई बकट बनी कैऽऽ
मांईने भाईऽऽ!
मांईने भरतहरी रोवै च रोवे च नै विक्रमाऽऽ
दीत शईऽऽ!
रोवै च मेंणावतीं बाई वाकी टैम-पास कोनै होवै रै बिगट बनी कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ! 
बन कै मांई नाहर-नाहरणी आवै चा ज्या दिन श्ईया सिंह श्ईया दुडगतो आवै चऽऽ दुलाड़तो नाहर आवचै नाहर-नाहरणीऽऽ
आरी च शईऽऽ!
दोन्यु आर्या च श्ईयाऽऽ!
माता सूं कैहबा लाग जाओ भरतहरी म्हारी जामण आपणी लाखैरी सी जानऽऽ
चली जागी शईऽऽ!
आपां नै खा जाऔगो जंगल को षैरऽऽ
षैर शाईऽऽ! 
आपां नै खा जाओगो या बन काऽऽ
नाहर शईऽऽ!
आंपणा छोटा साक शई नै छोड़ चालऽऽ जा दिन पानदै राणी कै श्ूखी आत्माऽऽ
आत्मा शईऽऽ अरै आँचल में और दूध श्ी कोनै आवै चोऽऽ
आवै चो शईऽऽ!

आज रै नरसळ का पेड़ मे छोड़र जा री च पानदै जा दिन म्हारा प्यारा वो सलिमा...
दीत कू शईऽऽ!
जी दिन ऊ नै लै जावै च म्हारा प्यारा वो शेमसिंह बण्जारो प्यारो वो ब्याड़द कैऽऽ 
माईनै शईऽऽ!
भरतहरी और पानदै श्ईया ओ मेंणावन्ती विक्रमादीत पूछै च नै बिगट बनी में गाड़ी जाणै डोबा पयाड़ कैऽऽ
तांई शईऽऽ!

वानै रै है गी च डळतीऽऽ
ऐ!! रातऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै वानै होगी च नै डळतीऽऽ
ऐ!! रातऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै वानै होगी च रै डळतीऽऽ  
ऐ!! रातऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै वानै होगी च रै डळतीऽऽ
ऐ!! रातऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽ!

देख म्हारा प्यारा वो रैऽऽ वानै रै हैगी च नै डळतीऽऽऽऽ
ऐ!! रातऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै वाने होगी च रै डळतीऽऽ
लेग्या मोज म्हारा शईयोऽऽ!
ऐ!! रातऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै वानै होगी च रै डळतीऽऽ
हाँ प्यारेऽऽ!
ऐ!! रातऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽ

पैरो रै देवै च विक्रमाऽऽऽऽ
ऐ!! दीतऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै पैरो देवै च नै विक्रमाऽऽ
ऐ!! दीतऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो पैरो रै लगावै विक्रमाऽऽ 
ऐ!! दीतऽऽ अेर म्हारा प्यारा वो रै पैरो लगावै रै विक्रमाऽऽ
ऐ!! दीतऽऽ अेर म्हारा प्यारा वोऽऽ! 
श्ईयाऽऽ!

बोल भरतहरी महाराज की... 
जय होऽऽ!