North East India

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मनीष कुमार जैसल (Manish Kumar Jaisal)
    बिहार से ताल्लुक रखने वाले डॉ. भारती वर्तमान समय में मध्य भारत के अलावा पूर्वोत्तर की कला संस्कृति, समाज और सिनेमा पर गहरी रुचि और गहन अध्ययन-अध्यापन के लिए जाने जाते हैं। पिछले 30 वर्षों से इस क्षेत्र से जुड़े डॉ भारती बीते तीन साल ईस्ट जोनल कल्चरल सेंटर, कोलकाता, के डायरेक्टर रहे और अभी हाल…
in Interview
मनीष कुमार जैसल (Manish Kumar Jaisal)
मणिपुर अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति, परम्पराओं, वेषभूषा व खान-पान के अलावा अपनी सिने संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। भारत के पूर्वोत्तर में स्थित राज्य मणिपुर में सिनेमा को आए 98 वर्ष के क़रीब हो चुके हैं। मेईति भाषा मणिपुर की आधिकारिक भाषा है,यह मणिपुर से सटे राज्य असम,त्रिपुरा और…
in Article
मनीष कुमार जैसल (Manish Kumar Jaisal)
असमिया फिल्म ‘मिशन चाइना’ की असम के बाहर व्यावसायिक सफ़लता और साथ ही एक अन्य असमिया फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार’ का भारत की ऑस्कर एंट्री के लिये चुना जाना इंगित करता है कि तरफ़ असमिया फ़िल्में असम से बाहर के दर्शकों की तरफ़ बढ़ रही हैं तो वहीं पुरस्कारों की होड़ में भी ये पीछे नहीं हैं। असम के फ़िल्मी…
in Article
मनीष कुमार जैसल (Manish Kumar Jaisal)
असमिया सिनेमा के प्रथम फ़िल्मकार ज्योतिप्रसाद अग्रवाल से लेकर जाहनु बरुआ और रीमा दास तक की फ़िल्मों का कलात्मक पक्ष अति महत्वपूर्ण रहा है। व्यवसाय के नज़रिए से असमिया फ़िल्में भले ही फ़्लॉप रही हो लेकिन कलात्मकता और प्रयोगों की कमी नहीं दिखती। असम सरकार द्वारा फ़िल्मों के संरक्षण तथा विकास पर…
in Module
Akhyai Jyoti Mahanta
in Image Gallery
Akhyai Jyoti Mahanta
In this interview, he elaborates on the history and glory of Assam’s mask culture, its use and evolution, the significance of masks at Majuli’s Raas festival, and people’s attitude towards masks and mask making.  
in Video
Akhyai Jyoti Mahanta
Assam has a long tradition of mask making. Although bamboo is usually the raw material of choice, wooden masks have been used for centuries by communities in lower Assam and are still common in khuliya bhaona[1] of Darrang district and bhari gan[2] of the Rabha community. (Fig. 1) Masks are…
in Overview
Akhyai Jyoti Mahanta
The five-hundred-year-old mask-making tradition of Assam is a unique specimen of the region’s culture and heritage. Srimanta Sankardeva, the great socioreligious reformer of medieval Assam, was the pioneer behind the emergence and growth of this craft in the fifteenth century. The mask tradition…
in Module
Abismrita Chakravarty
Jogen Dutta Bayan was initiated into monkhood at the Uttar Kamalabari Sattra but chose to exit the sattra at the age of 39. He emerged as a renowned artist and guru of Sattriya Nrittya and other art forms of the neo-Vaishnavite tradition in Assam. This interview provides a glimpse of his lived…
in Interview
Abismrita Chakravarty
Sattras are monastic institutions of the neo-Vaishnavite tradition that are unique because of their practise of a form of Bhakti that employs dance, music and theatre for the dissemination of religious ideas. Although much has been written about the history of sattras and the art forms that…
in Article