Uttarakhand

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Sanyukta Sharma
The people interviewed for this purpose include Surendra Pundir, writer and folk researcher based in Dehradun and Mussoorie, who has compiled books about Jaunpur, including Jaunpur ke Lok Geet (The Folk Songs of Jaunpur). There are detailed interactions with Anuradha Gupta, co-founder of Society…
in Interview
Sanyukta Sharma
Agricultural songs jungoo and dooah once resonated the forests of Jaunpur and Jaunsar region of the Garhwal district of Uttarakhand. In a pastoral society where people toiled for hours in faraway woodlands, these songs helped them communicate as well as entertain themselves. This short documentary…
in Video
Sanyukta Sharma
Jungoo and dooah are agricultural folk songs sung by hill folks in the Jaunpur and Jaunsar regions of the Garhwal Himalaya. In a pastoral society where people toiled for hours in faraway woodlands, mostly in solitude, these songs developed as conversational ‘call–response’ songs with a melody style…
in Module
जीत सिंह (Jeet Singh)
लोक देवी नन्दा का उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में बड़ा महत्व है। नन्दा से जुड़े तमाम उत्सव, परंपराएँ, मान्यताएँ, कहानियाँ एवं गीत इस पर्वतीय समाज को एक अर्थ प्रदान करते हैं। इन परंपराओं या मान्यताओं को सिर्फ धार्मिक मान लेना शायद एक चूक हो, यह सामाजिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय एवं धार्मिक आयामों का…
in Article
जीत सिंह (Jeet Singh)
उत्तराखण्ड का पर्वतीय क्षेत्र भी भारत के तमाम अन्य हिस्सों की तरह लोक परंपराओं का क्षेत्र है। ख़ास बात यह है कि तमाम सांस्कृतिक सम्मेलनों व परंपराओं के आदान-प्रदान के बाद भी इस क्षेत्र में लोक देवताओं और उनसे जुड़े स्थानीय लोक उत्सवों का विशेष महत्व है। ऐसा भी कहा जा सकता है कि इन लोक परंपराओं और…
in Overview
जीत सिंह (Jeet Singh)
आम तौर पर ये गीत लोक देवी या देवताओं की कहानियों का बखान करते हैं। हालांकि जागर गायन हेतु कोई प्रतिबंध नहीं है लेकिन इसकी गायन शैली में निपुण कुछ ही लोग हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘जागुरूवे’ कहा जाता है। यह साक्षात्कार ऐसे ही एक जागुरूवे श्री सज्जन सिंह रावत का है। 85 वर्षीय श्री रावत ने वर्ष…
in Interview
जीत सिंह (Jeet Singh)
उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में ‘नन्दा देवी’ का बड़ा सांस्कृतिक महत्व है। खास तौर पर राज्य के चमोली तथा अल्मोड़ा जिले के कुछ गांवों में लोक देवी नन्दा की परिकल्पना और उससे जुड़ी परंपराएं और रीति-रिवाज स्थानीय लोक संस्कृति का एक बड़ा हिस्सा है। वैदिक देवियों की अपेक्षा नन्दा की परिकल्पना काफी भिन्न…
in Module
Srishti Lakhera
in Audio
Ritu Bhardwaj
A short film on the traditional and sustainable practice of mixed farming known as Baranaja in Tehri Garhwal, Uttarakhand. In Hindi, 'barah' means twelve, and 'anaja' is grains. These crops include not only food grains, but also oil seeds, pulses, vegetables, and spices.   Courtesy: Project…
in Video