Madan Meena

Madan Meena is a visual artist and researcher. He has worked extensively with artists and craftspersons from Rajasthan. His doctoral dissertation from the University of Rajasthan was on the 'Art of the Meena Tribe'. He continues to work as a researcher with the women of the Meena tribe and has documented and exhibited their Mandana wall paintings across the country and abroad. He has published two books on the subject, 'Joy of Creativity' and 'Nurturing Walls'. As a practising visual artist, Madan has exhibited his own works extensively.

As a curator, he has designed an exhibition on brooms for Arna Jharna, the 'Desert Museum of Rajasthan’ of Rupayan Sansthan. For this he travelled throughout Rajasthan studying the broom-making communities, their socio-political and cultural issues. He was Associate Director for the film ‘Jharu Katha’ on the same subject.

His association with late Komal Kothari, one of India's leading folklorists and oral historians inspired him to start his independent research and documentation in eastern Rajasthan where he is based. He has been recording oral traditions among the rural communities for a long period. Madan received a grant from Cambridge University under the World Oral Literature Project (WOLP) to document Tejaji Ballad. Under the grant he has published a book ‘Tejaji Gatha’ and an audio DVD. His interest in languages has led him to start his work on the secret language of the nomadic and de-notified tribes residing in Rajasthan. For this he has received a fellowship from the Firebird Foundation for Anthropological Research, USA. As a state coordinator for Bhasha Research and Publication Centre, Baroda he edited the Hindi and English volumes of Rajasthani languages under the People’s Linguistic Survey of India project. He was also a state coordinator for ICSSR’s project of surveying the educational status of the nomadic and de-notified tribes of Rajasthan.

Madan has received a Senior Research Fellowship from CCRT-Department of Culture, Govt. of India to extend his work in folklore studies in Marwar (western Rajasthan). He is a Trustee of Bhasha Research and Publication Centre, Vadodara and Executive Member of Kota Heritage Society. As a visiting faculty he teaches traditional crafts at the Indian Institute of Crafts and Design, Jaipur. He currently works and lives in Kota, Rajasthan.

Banda-Rajasthan, Oct.-2017, Audio File 6/7
 
आॅडियो फाईल नं॰ Bharathari-06
 
सतमंती सूरा जणै चै बड़भागण दातारऽऽ 
दातार भईयाऽऽ!
सतमंती सूरा जणै चै बड़भागण दातारऽऽ 
दातार भाईऽऽ!
 
कोई लछमी संत जणै च लाडला ओ रै कूळ जणै च ई संसारऽऽ
संसार भाई!
 
राणी पिंगळाऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!
घणी-घणी बरजै राजा भरतरी नैऽऽ
भरतरी नै भाईऽऽ!
नै मानै भरत पंवार राणी पिनळा की बिलकुलऽऽ
बात भाईऽऽ!
 
राजा भरतरी, 
वाह् प्यारोऽऽ
नौ लख लै लिया रथड़ा पालकी बहत्तर लै लिया च घोड़ा का, 
असवार भाईऽऽऽ!
फोजा लै राजा भरतरी जार्यो च खैलबा हिरामृग की,
शिकार भाईऽऽ!
शपरा घाट कै, 
मांईनै भाईऽऽऽ!
 
तो दैखानी, 
हम्मै भाईऽऽ!
म्हरा बीर ओ कांई बात होवै च,
कांई होरी च भाई देखांऽऽ!
राणी पिंघळाऽऽ
काई कैह् री च भईया दैखांऽऽ!
अरेऽऽ कांई जवाब दैरी चऽऽ 
काई दैरी च भाईऽऽ!
काई बात बण री चऽऽ 
बोल भरतहरी बाबा की...
जयऽऽ! 
 
ये बात!
ये बात!
 
ये बातांऽऽ!
अरे म्हारा सांवराऽऽ!
 
आज म्हारा राजा रैऽऽ चुड़ळो मुळग्यो यै चो रै हाथीऽऽ
ऐ! दाँतऽऽ अेर म्हारा राजा रै चुड़ळो मुळग्यो च रै हाथीऽऽ
ऐ! दाँतऽऽ अेर म्हारा राजा रै चुड़ळो मुळग्यो च रै हाथीऽऽ
ऐ! दाँतऽऽ अेर म्हारा राजा!
 
देख म्हारा खावन जी मैं भी हैगी ची नै बिधवाऽऽ
ऐ! राण्डऽऽ अेर म्हारा राजा रै मैं भी होगी ची नै बिधवाऽऽ
ऐ! राण्डऽऽ अेर म्हारा राजा रै मैं भी होगी ची नै बिधवाऽऽ
ऐ! राण्डऽऽ अेर म्हारा राजा!
 
हाँ भाईऽऽ!
 
देख म्हारा राजा रैऽऽ कैतो मर जावैगो नै घोड़ोऽऽ!
ऐ! नौलकोऽऽ रै म्हारा राजा रै कैह्तो मर ज्यागो नै घोड़ाऽऽ
ऐ! नौलकोऽऽ रै म्हारा राजा रै कैह्तो मर ज्यागो नै घोड़ाऽऽ
ऐ! नौलकोऽऽ रै म्हारा राजाऽऽ!
 
मैं भरतरी रे कैह्तो रै मर जावैगो नै घोड़ोऽऽ!
ऐ! नौलकोऽऽ को रै म्हारा राजा रै कैह्तो मर ज्यागो नै घोड़ाऽऽ
ऐ! नौलकोऽऽ को रै म्हारा राजाऽऽ!
 
कैह्तो रैऽऽ मर जावेगो रै ऐसऽऽ!
ऐ! लारेऽऽ अेर म्हारा राजा रै कैह्तो मर ज्यागो ऐसऽऽ 
ऐ! लारेऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ!
 
ऐ! म्हारा सांवराऽऽऽऽ
वाह् प्यारैऽऽऽऽ!
 
बोल भरतरी महाराज कीऽऽ
जय होऽऽ!
बोले गुरु महाराज कीऽऽ
जय होऽऽ!
 
राजा भरतरी की राणी पिंगळा कैह् री हैऽऽ
कांई कैह् री च भाईऽऽ!
कै तो मर जाऔगो राजा भरतरी घोड़ो नौलखोंऽऽ कै मर जावैगो घोड़ा को...
असवार भाईऽऽऽ!
आज की घड़ी पुळ नै टाळ दै रै राजा भरतरी मत जावै तू खैलबेऽऽ
शिकार भाईऽऽ!
राजा भरतरीऽऽ! 
हम्मै भाईऽऽ!
खोटा हैग्या चा आज बन काऽऽ 
सूण भाईऽऽ!
म्हारों भी चुड़लो मुळग्यों चो राजा भरतरी हाथीदांत को मै भी हैगी सपना में जाणैं बिधवाऽऽ
राण्ड भाईऽऽ!
न मानै राणी की बिल्कुल बात राजा भरतरी जार्यों च सप्राऽऽ
घाट पै भाईऽऽ!
 
राणी पिंघळा देखांणी राजा भरतरी जार्या च खेलबै शिकार बगट बनी मै अर कांई राणी पिंगळा कैह् री च,
कांई कैह् री च भाईऽऽऽ!
 
वाह भाईऽऽ!
 
कांई कैह री च राणी पिंघळाऽऽ!
कांई कैह् री च देखां भईयाऽऽ!
 
ईयां आग्यो च करार दन, थोड़ो सो घटैऽऽ!
ऐऽऽ! आग्यो च करार दन, थोड़ो सो घटैऽऽ!
राम रैऽऽ थोड़ो सो घटैऽऽ! 
ऐऽऽ! आग्यो च करार दन रै थोड़ो सो घटैऽऽ!
राम रै, थोड़ो सो घटैऽऽ! 
 
राणी पिंगळा कैहरी चऽऽ!
 
भई रैऽऽ जावै रै म्हारा रै खावण जी राणी थन्नै मैहलऽऽ
ऐऽऽ! मत जावै म्हारा रै खावण जी राणी मैहल में नटैऽऽ
ऐऽऽ! मत जावै म्हारा रै खावण जी राणी मैहल में नटैऽऽ
 
भई रै भई रै जावै रै मुरख, राणी पिंगळा नटैऽऽ
ऐऽऽ! मत जावै रै मुरख राणी पिंगळा नटैऽऽ
ऐऽऽ! मत जावै रै भरतरी राणी पिंगळा नटैऽऽ
मत! जावै! म्हारा राजा रै राणी पिंगळा नटैऽऽ
 
ऐऽऽऽऽ हेऽऽऽऽ 
भई रै भई रैऽऽ जावै रैऽऽ म्हारा रैऽऽ ठाकरऽऽ
ऐऽऽऽऽ राणी पिंगळा नटैऽऽ
ओ! मत जा रै म्हारा राजा जी राणी पिंगळा नटैऽऽ
मत जा रै म्हारा राजा रै राणी पिंगळा नटैऽऽ
 
कानै समझै भरत पंवार बन में रै कंडै चाल्योऽऽ
ऐऽऽ! कानै समझै भरत पंवार बन में कंडै चाल्योऽऽ
उ नैऽऽ कानै समझै रै भरत पंवार बन में कंडै चाल्योऽऽ
उ नैऽऽ कानै समझै भरत पंवार बन में कंडै चाल्योऽऽ
 
भई रै समझै रै भरत पंवार बन में रै कंडै चाल्योऽऽ
ओेऽऽ कानै समझै भरत पंवार बन में कंडै चाल्योऽऽ
उ नैऽऽ कानै समझै भरत पंवार बन में कंडै चाल्योऽऽ
उ नैऽऽ कानै समझै भरत पंवार बन में कंडै चाल्योऽऽ
 
राजा भरतरी महाराज अनै जार सप्रा नंदी घाट पैऽऽ
घाट पै भाई!
तंब्बू ढळका दियोऽऽ या डेरो दै दियोऽऽ 
दै दियो भाई!
सत्तर हरण्या की डेरी पै गैळा केऽऽ 
मांईनै भाई!
 
अरे ज्या दिन म्हारा बीर ओ नौ लख बैठ्या हथड़ा पालकी बहत्तर बैठ्या छां घोड़ा कांऽऽ
असवार भाईऽऽ!
जा दिन हीरा मृग,
हम्मै भईयाऽऽ!
सत्तर हिरण्या आ जाओ च पाणी पीबै,
पीबै भाईऽऽ!
आधी हिरण्या तो पाणी पी री च,
पी री च भाईऽऽ!
और आधी हिरण्या राजा भरतरी कै ओढ़ी झांकै च,
झांकै च भईयाऽऽ!
झांकै च भईयाऽऽ!
कांई राजा भरतरी नै जुवाब देरी है,
काई देरी च भाईऽऽ!
 
बावन गढ़ा को गढ़पती राजा भरतरी क्यिां फौज लैर खड़ो च रै आज सप्रा नंदी घाट कै मांईऽऽ
मांई भईया!
वाह् भईयाऽऽ!
घणों धर्मावता को नावं सुणै चा रै आज फौजां लेर कियां बैठ्यो च सप्राऽऽ
नंदी के घांट भाईऽऽ!
 
आं! 
हम्मै भाईऽऽ!
सत्तर हरण्या कैह् री हैऽऽ
कांई कैह री च भाईऽऽ!
राजा भरतरी सूंऽऽ 
कांई कैह् री च भईया देखांऽऽ!
 
देख भाई राजा रै कै तो रुस्यायो दिखै माई रैऽऽऽऽ
ऐ! बापऽऽ सू रै म्हारा राजा रे कै तो रुस्या यो रे मायरऽऽ
ऐ! बापऽऽ सू रै म्हारा राजा रे कै तो रुस्या यो रे मायरऽऽ 
ऐ! बापऽऽ सू रै म्हारा राजाऽऽ
 
भई भरतरी कैतो रैऽऽ रुस्यायो दिखै घर कीऽऽऽऽ
ऐ! नारऽऽ सू रै म्हारा राजा रै कै तो रुस्या यो रै घर कीऽऽ
ऐ! नारऽऽ सू रै म्हारा राजा रै कै तो रुस्या यो रै घर कीऽऽ
ऐ! नारऽऽ सू रै म्हारा राजाऽऽ!
 
भई भरतरी रै ज्युं आयो ज्युं घोटा नै ई उल्टोऽऽ 
ऐ! मोड़ैऽऽ अेर म्हारा राजा रै ज्युं आयो ज्युं घोटा नै रै उल्टोऽऽ 
ऐ! मोड़ैऽऽ अेर म्हारा राजा रै ज्युं आयो ज्युं घोटा नै रै उल्टोऽऽ 
ऐ! मोड़ैऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ!
 
वाह् भाईऽऽ! 
लैग्या मोज म्हारा बीर ओऽऽ
 
ये बातां भाईऽऽ!
 
भरतरी महाराज की... 
जय होऽऽ!
 
जी दिन जा या राजा भरतहरी तू ज्यंु आयो ज्यंु ही...
उल्टो मोड़ दै भाईऽऽ!
घोड़ा नै उल्टो मोड़ लै तू चल जा उज्जिण शहर कै,
माईनै भाईऽऽ!
आऐ! राजा भरतरीऽऽ 
हम्मै भाईऽऽ!
 
आज कै तो तू दिख्यायो रुस आज तो म्हां कू अस्यो दिखै च राणी पिंगळा सूं,
अरै रुस‘र आयो च भाईऽऽ 
अरै भईया!
ऐ! रुस्यायों थारा माई रै बाप सू कै रुस्यायो दिखै रै राजा भरतरी थारी घर की,
नार सू भाईऽऽ!
अतनी बातां सूण ली राजा भरतरीऽऽ क्या जुवाब दैर्या च सत्तर हरण्यां कै,
मांईनै भाईऽऽ!
 
घणां दना को नांव सूणैं चो सत्तर हरण्या वोऽऽ
हरण्या वो भाईऽऽ!
सत्तर में एक भरतार च जीकी आयो चु खैलबे शिकारऽऽ
शिकार भाईऽऽ!
अतनी बातां कैह री हरण्या सुण ली राज भरतरी की बिकट बनी में बातऽऽ
बात भाईऽऽ!
क्या जुवाब दैरी च म्हारा बीर ओ देखां नी,
कांई दैरी च भाईऽऽ
 
भरतहरी बाबा...
की जयऽऽ!
 
दैख भरतरी रै कामी मारै च रै मिरग्योऽऽ
ऐ! या रैऽऽ अेर म्हारा राजा रै कामी मारै च रै मिरग्योऽऽ
ऐ! या चऽऽ अेर म्हारा राजा रै कामी मारै च रै मिरग्योऽऽ
ऐ! या चऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ
 
खै रै भाई राजा रै कांमी रै मारे च पियोजीऽऽ
ऐ या चऽऽ अेर म्हारा राजा रै कांमी मारे च पियोजीऽऽ
ऐ या चऽऽ अेर म्हारा राजा रै कांमी मारे च रै पियोजीऽऽ
हाँ प्यारैऽऽऽऽ
ऐ या चऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ
 
देख भाई राजा रैऽऽ सत्तर रैऽऽ डोलैगां रै बन मेंऽऽऽऽ
ऐ! राण्डऽऽ अेर म्हारा राजा रै सत्तर डोलैगां ओ! बन मेंऽऽ
ऐ! राण्डऽऽ अेर म्हारा राजा रै सत्तर डोलैगां नै बन मेंऽऽ
ऐ! राण्डऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ
 
देख भरतरी रै कोनै बैड्यो च रै मिठोऽऽ!
ऐ! माळऽऽ वौ रै म्हारा राजा रै कोनै बैड्यो च रै मिठोऽऽ
ऐ! माळऽऽ वौ रै म्हारा राजा रै कोनै बैड्यो च मिठोऽऽ
ऐ! माळऽऽ वौ रै म्हारा राजाऽऽ
 
देख भरतरी रै कोने रैऽऽ बैड्याई च दाडूऽऽ!
ऐ! दाखऽऽ अे रे म्हारा राजा रै कोने बैड्या च रै दाडूऽऽ
ऐ! दाखऽऽ अेर म्हारा राजा रै कोने बैड्या च रै दाडूऽऽ
ऐ! दाखऽऽ अै रै म्हारा राजाऽऽ
 
देख म्हाका राजा रै कोनै रै भैडी च रै घोड़ा कीऽऽ!
ऐ! दौबऽऽ अेर म्हारा राजा रै कोनै भैडी च रै घोड़ा कीऽऽ!
ऐ! दौबऽऽ अेर म्हारा राजा रै कोनै भैडी च नै घोड़ा कीऽऽ!
ऐ! दौबऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ
 
डोलैगां बन में राण्डऽऽ हिरणी अरज करैऽऽऽऽ
ऐ! डोलैगां बन में राण्ड हिरण्याँ अरज करैऽऽ
बौलोऽऽ!
डोलैगां बन में राण्ड हिरण्याँ अरज करैऽऽ
 
डोलैगांऽऽ! रै बन में रै राण्ड हिरणी रै अरज करैऽऽ
अरे डोलैगां बन में रै राण्ड हिरण्याँ अरज करैऽऽ
डोलैगांऽऽ बन में राण्ड हिरण्याँ अरज करैऽऽ
डोलैगांऽऽ बन में राण्ड हिरण्याँ अरज करैऽऽ
 
राजा भरतरी मैं डोलैंगां बिकट बनी में बिधवा राण्ड,
राण्ड भाईऽऽ!
ऐ! राजा भरतरी कामै मारैं च म्हारो सत्तर को,
भरतार भाईऽऽ!
सत्तर हरण्या में एक ही पियो च एक ही सरदार च,
सरदार च भाईऽऽ!
राजा भरतरी कोनै भैळ्यो मिठों माळवो वो मानै कोनै भैळ्या छै आपका जाड़ू,
काँच भाईऽऽ!
राजा भरतरी कोनै भैळी रै घोड़ा की हरीयळ,
दौब भाईऽऽ!
मानैं मार लै दो की चार राजा भरतरी मत मारे म्हाका हीरा मृग नै,
भरतार नै भाईऽऽ!
 
राजा भरतरी जुवाब दैर्या है,
कांई दैर्या च भाईऽऽ!
 
नर को जायो खेलै बकट बनी में शिकार बैरी दुशमन पै,
न पटके हाथ भईऽऽ!
बैरी दुशमन पै ही पटकेगो बैरी को हाथ राजा भईयाऽऽ!
है भईयाऽऽ!
 
ऐ! ज्या दिन कैह्र्या राजा भरतरी नै पियो सूं भर घोड़ी की पिठ पै कोनै होयो मै भीऽऽ 
अयवार भाईऽऽ!
नै पियो बैहती गंगा को नीरऽऽ
नीर भाईऽऽ!
नै पटक्यो सत्तर हरण्याओ मनै पर तर्या पैऽऽ
हाथ भईया!
नर को जायो खैले सिकार बैरी दुशमन पै डालै च नै बिगट बन्या मंऽऽ
हाथ भाईऽऽ!
 
या मौहलत छैऽऽ
हम्मे भाईऽऽ!
मन-तन की बार्ता हीरा मृग सँू कर ली ज्योऽऽ
कर ली ज्यो भाईऽऽ!
थांका पतिदेव की सिकार खैलूगों, उगंतै! प्रभातऽऽ
प्रभात भाईऽऽ!
तो भईयाऽऽ 
हम्मै भाईऽऽ!
आदी हरण्या तो पाणी पीरी चऽऽ
पीरी च भाईऽऽ!
आधी भईया कांई देखाणी राजा भरतरी की बातांऽऽ
कैह री च भाईऽऽ!
कांई देखाणी हीरा मृग हिरण्या सूँऽऽ 
कैह् र्यो च भाईऽऽ!
हरण्या झर-झर रोरी च चमक-चमक भागै चऽऽ
भाग री च भाईऽऽ!
हीरा मृगल्यो कांई कैह्र्यो च सत्तर को भरतारऽऽ 
भरतार भईयाऽऽ!
 
बनी में सिकार खैले रै कंवर राजा कोऽऽऽऽ
ऐ! बनी में सिकार खैले कंवर राजा कोऽऽ
राम रैऽऽ कंवर राजा कोऽऽ
ओ! बनी में सिकार खैले कंवर राजा कोऽऽ
राम रैऽऽ कंवर राजा कोऽऽ
 
भई रै मतऽऽ भागो रै हिरण्याओं लागैऽऽ दूध माता को पणऽऽ
ऐ! भागो मत हिरण्याओं लागै दूध माता कोऽऽ
मत! भागो रै हिरण्याओं लागै दूध माता कोऽऽ
वाह भाईऽऽ
ओ! मत भागो रे हिरण्याओं लागै दूध माता कोऽऽ
मत भागो रै हिरण्याओं लागै दूध माता कोऽऽऽऽ
 
चैथ माता कोऽऽ लागै दूध माता कोऽऽ
ऐऽऽ! मत भागो रे हिरण्याओं लागै दूध माता कोऽऽ
मत भागो रै हिरण्याओं लागै दूध माता कोऽऽऽऽ
 
बनी में सिकार खैले च कोई कंवर राजा कोई मत भागो मारी हरण्याओं लागै च म्हारी दुध माता कोऽऽ
लागै च भाईऽऽ!
 
मृगल्यो जवाब देर्यो च हरण्या कै,
कांई भाईऽऽ!
राजा भरतरी कैह्र्यो च मृग कै तांई हीरा सत्तर हरण्या का भरतार कै,
कांई कहर्यो च भाईऽऽ!
 
देख मरगल्या जिन्दों न छोड़ू आज सप्रा नंदी घाट कै मांईऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!
कोल कराऱ बरदानां देवै च मृगल्यो सत्तर हरण्या को भरतार राजा भरतरी कै तांई सप्राऽऽ
घाट पै भाईऽऽ!
मै सत्तर हरण्या को भरतार बाजू राजा भरतरी तू राणी पिंगळा को बाजै मैहल कैऽऽ
मांईनै भईयाऽऽ!
थारा घर मे एक राणी पिंगळा मैं सत्तर को भरतार बाजु छू नै बिगट बनी कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!
ऐ! राजा भरतरी चंढ घोड़ा पै देख लैऽऽ 
देख ले भाईऽऽ!
तौ सर का राण्डया मरग्या साढा तीन से पथ-पथ राजा भरतरी बिगट बनी कैऽऽ
मांईनै भाईऽऽ!
ज्यो बरदाना देवै ज्यों ई मृगल्यों सत्तर हरण्या को भरतार,
भरतार भाईऽऽ!
राजा भरतरी कै भैया ऐड़ी का भबका चोटी सालग्या,
सालग्या भाईऽऽ!
और कांई होवै चऽऽ
कांई होवै च भाईऽऽ!
 
अरै वाह् भाई भईयाऽऽऽऽ! 
 
आज म्हारा राजा रेऽऽ भालो रैऽऽ उठायो च रे बीजळऽऽऽऽ
ऐ! शयारऽऽ ओ रै म्हारा राजा रै भालो उठायो च बीजळऽऽ  
ऐ! शयारऽऽ ओ रै म्हारा राजा रै भालो उठायो रे बीजळऽऽ  
ऐ! शयारऽऽ ओ रै म्हारा राजाऽऽ! 
 
भई भरतरी नै भालो रैऽऽ छटका दियो मृगां पैऽऽ!
ऐ! आजऽऽ अेर म्हारा राजा रै भालो छटका दियो मृगां पैऽऽ
ऐ! आजऽऽ अेर म्हारा राजा रै भालो रै छटका दियो मृगां पैऽऽ
ऐ! आजऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ!
 
भई रैऽऽ मरगल्यों रैऽऽ लपकर रैऽऽ कूद्यों च नै बारांऽऽऽऽ!
ऐ! हाथऽऽ अेर भाई मरगल्यों रै लपकर रै कूद्यों च नै बारांऽऽ
ऐ! हाथऽऽ अेर भाई मरगल्यों रै लपकर रै कूद्यों च नै बारांऽऽ
ऐ! हाथऽऽ अेर भाई मरगल्यों रऽऽ
 
भरतरी नै भालो रैऽऽ छटकायो रै इग्नीऽऽऽऽ!
ऐ! बाणऽऽ ओ रै म्हारा राजा भालो रैऽऽ छिटकायो रै इग्नीऽऽ
ऐ! बाणऽऽ ओ रै म्हारा राजा भालो छिटकायो रै इग्नीऽऽ
ऐ! बाणऽऽ ओ रै म्हारा राजाऽऽ
 
मरगल्यों रै लपकर रैऽऽ चपक्यो च रै धरत्यां कैऽऽऽऽ
ऐ! मांईऽऽ अेर भाई मरगल्यों रै लपकर चपक्यो च नै धरत्यां कैऽऽ
ऐ! मांईऽऽ अेर भाई मरगल्यों रैऽऽ लपकर रैऽऽ चपक्यो च रै धरत्यां कैऽऽ
ऐ! मांईऽऽ अेर भाई...
 
म्हारा राजा का निचै रैऽऽ गिरग्याई च रै सश्तर-पातीऽऽ!
ऐ! या चऽऽ अेर म्हारा राजा निचै रैऽऽ गिरग्या च रै सश्तर-पातीऽऽ
हाँ भाईयों!
ऐ! या चऽऽ अेर म्हारा राजा निचै रैऽऽ गिरग्या च न सश्तर-पातीऽऽ
ऐ! या चऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ!
 
अे रै भरतरी को बन में रैऽऽ बोलै च बत्तीसोंऽऽ!
ऐ! दाँतऽऽ अेर म्हारा राजा बन में रैऽऽ बोलै च बत्तीसोंऽऽ!
ओ दाँतऽऽ अेर म्हारा राजा का बन में रैऽऽ बोलै च बत्तीसोंऽऽ!
ओ! दाँतऽऽ अेर म्हारा राजा काऽऽ
 
प्यारो म्हारोऽऽ!
 
ये बातां!
बोल गुरु महाराज की...
जय होऽऽ!
 
राजा भरतरी का ज्या दिन भाला सस्त्र-पाती निचै जा पडै़ऽऽ
जा पड़ै भाईऽऽ!
घोड़ा नौलखां नै राजा भरतरी कैह्र्या च नैक जवाब,
जुवाब भईयाऽऽ!
आज म्हारा घोड़ा भईया नौलखाऽऽ 
नौलखा भाईऽऽ!
अरै म्हारा घोड़ा नौलखा आज धोखों दै दियो आज बैरी दुशमन हीरा मृगल्यो सत्तर हरण्या को भरतार जिन्दो,
जार्यो चऽऽ!
जार्यो च भईया!
घोड़ो नौलखो राजा भरतरी नै कैह् र्यो चऽऽ
कांई कैह् र्यो छै भाईऽऽ!
ऐ! राजा भरतरीऽऽ!
हम्मै भईयाऽऽ!
आज की भौमी उतर दै दीऽऽ
दे दी भाईऽऽ!
तीन ढोक धरती माता कै लगा दै, बैठ जा म्हारी पीठ कैऽऽ
मांईने भाईऽऽऽ
राजा भरतरी थनै लै उड़ूं आकाशां कैऽऽ
मांईनै भईयाऽऽ!
तीन ढोक धरती माता कै लगा दी, राजा भरतरी बैठ ग्यों च! घोड़ा कीऽऽ
पीठ पै भाईऽऽ!
राजा भरतरी का हीरा मृग नै मारै चऽऽ
मारै चऽऽ!
भालो छटका द्यो च बीजळ श्यार को भईया ज्या दिन कढग्यों सिगोंटी मं चैथा भाळों भीऽऽ
छटका दियो भाईऽऽ!
राजा भरतरी कै कढ जावै च ज्या दन सिनों फोड़ऽऽ
फोड़ भाईऽऽ!
अब रै भईया सांसां निकळबाळी च हीरा मृग की जा दिन सप्राऽऽ
घाट पै भाईऽऽ!
राजा भरतरी सूं देर्यो च नैक जुवाबऽऽ
जुवाब भईयाऽऽ!
राजा भरतरी म्हारी सांसां निकळबाळी च, तीन बचन म्हारा भी सुण लैऽऽ
सुण लै भाईऽऽ!
ऐ! राजा भरतरीऽऽ 
हां रै भाईऽऽ!
कांई कैह्र्यो छैऽऽ
कांई कैह्र्यो छै भाईऽऽ!
पांव दै दिज्यो म्हारा कायर चोर कू भाग बचा लैगोऽऽ
जान भाईऽऽ!
काळज्यों दे दीज्यो म्हारो बाण्या सेठ कूंऽऽ
सेठ कूं भाईऽऽ!
हरदम राखैगो छाया कै,
माईनै भाईऽऽ!
सींग दै दिज्यो रमता नाथ नै संत नै घर-घर मं जावैगी म्हारी आवाजऽऽ
आवाज भाईऽऽ!
आख्यां दै दीज्यो म्हारी कोई चंचळ नार कू हरदम राखैगी घूंघट कै,
माईनै भाईऽऽ!
राजा भरतरीऽऽ
हम्मै भाईऽऽ!
म्हारी खाळ दै दिज्यो बाबा गुरु गोरखनाथ कू म्हारी मोकक्ष...
हो ज्यागी भाईऽऽ!
तीन बचन कर कै हीरा मृग सांसां छोड़ द्यौ च ज्या दिन म्हारा प्याराओं सप्रा घाट कैऽऽ
माईनै भाईऽऽ!
घोड़ा पै मैल्यो हीरा मृग कू घोड़ा की पीठ पैऽऽ
पीठ पै भाईऽऽ!
अब राजा भरतरी उज्जीण शहर कै मांई आर्यो चऽऽ
आर्यो च भाईऽऽ!
तो बीच मं घेरो दैल्यो च राजा भरतरी कै सत्तर हरण्या पुकारी चऽऽ!
पुकारी च भाई!
जैसे कुरड़ावै च भैया सावण मं भादुड्योंऽऽ!
भादुड्यो मोर भाई!
तो हीरा मृग नै क्या जवाब दै री सत्तर हरण्या कांई बात बण री च म्हारा भाईओऽऽ
हाँ भाईऽऽ!
 
ऐ! हैऽऽऽऽऽऽऽऽऽऐ!
वाह् प्यारोंऽऽऽऽ!
 
बण बैठ्यो रै बण बैठ्योऽऽ 
बण बैठ्यो रै राजन् बण बैठ्योऽऽ
हां! ढोलेगां बन मं रै राण्ड बैरी म्हाको बण बैठ्योऽऽ
ऐ! ढोलेंगां बन मे राण्ड बैरी म्हाको बण बैठ्योऽऽ
ऐ! ढोलेंगां रै बन मे राण्ड बैरी म्हाको बण बैठ्योऽऽ
ढोलेंगां! बन मे राण्ड बैरी म्हाको बण बैठ्योऽऽ
 
ढोलेंगां रै बन मे मै राण्डऽऽ बैरी बण बैठ्योऽऽ
ऐ! ढोलेंगां बन मे रै राण्ड बैरी म्हाको बण बैठ्योऽऽ
ढोलेंगां बन मे रै राण्ड बैरी म्हाको बण बैठ्योऽऽ
 
उत्यारों रै गौह्र रै अंधेर दुशमन ये बण बैठ्योऽऽ
औ! उत्यारो गौह्र अंधेर दुशमन बण बैठ्योऽऽ
ऐऽऽ! उत्यारो रै गौह्र अंधेर दुशमन बण बैठ्योऽऽ
ओ! उत्यारो गौह्र अंधेर दुशमन बण बैठ्योऽऽ
 
मार्यों रै हिरण, जिन्दो हे्र मानेगौऽऽ
ओ! मार्यों रै हिरण, जिन्दो हे्र मानेगौऽऽ
राम रै जिन्दो हे्र मानेगौऽऽ
ऐ! मार्यों रै ये हिरण, जिन्दो हे्र मानेगौऽऽ
ऐ! जिन्दो हे्र मानेगौऽऽ
 
नै रै सत्तरऽऽ हरण्या को शराप, जोगी हे्र मांनैगोऽऽ
ऐऽऽऽऽऽऽ! सत्तर हरण्या को शराप, जोगी हे्र मांनैगोऽऽ
ओ! सत्तर हरण्या को शराप, जोगी हे्र मांनैगोऽऽ
ऐ! सत्तर हरण्या को शराप, जोगी हे्र मांनैगोऽऽ
 
ऐऽऽऽऽऽऽऽऽ हैऽऽऽऽऽऽऽऽ
मांनैगो नैऽऽ 
ऐ! हे्र मांनैगो, सत्तर हरण्या को शरापऽऽ जोगी हे्र मांनैगोऽऽ
हाँ भाई ओंऽऽ!
सत्तर हरण्या को शराप, जोगी हे्र मांनैगोऽऽ
लैग्या मोज म्हारा भाई ओऽऽ! 
सत्तर हरण्या को शराप, जोगी हे्र मांनैगोऽऽ
 
अरे म्हारा सांवराऽऽ!
 
मार्यो होयो हरण तो जिन्दो होर मांनैगों राजा भरतरी,
हम्मे भाईऽऽ!
सहत्तर हरण्या को श्राप जोगी हैर मांनैगो,
मांनैगो भाईऽऽ!
हीरा मृग नै लेर राजा भरतरी आवै च हिरण्या पोकांट मचादी च जा दिन बकट बनी कै मांईनै सप्रा घाट कै,
मंाइै भाईऽऽ!
अरै ज्या दिन जैसे कुरळावै सावण को भादूड्यों,
मोर भाईऽऽ!
धूणी थर्रागी धूणी ज्या दिन कांपगी बाबा गुरु गोरख नाथ की बकट बनी कै,
माईनै भाईऽऽ!
राजा भरतरी की गैल में आर धुणों लगार बैठग्यो बाबो गुरु गौरख,
नाथ भाईऽऽ!
गैल में बैठग्यों राजा भरतरी नै वा बात याद ची हीरा मृग नै जै बचन कर्या ज्येई,
कर्या चा भाईऽऽ!
अरै ज्या दिन भईया कै चै या खाळ तोऽऽ 
खाळ तो भाईऽऽ!
हीरा मृग की बाबा जी नै दे चलां जै आपणो भी पाप,
कट ज्या गो भाईऽऽ!
पाप बट जाऊगोऽऽ
हम्मै!
हीरा मृग की की मोकक्ष भीऽऽ
हो ज्यागी भाईऽऽ!
दूरै सूं ई दबका दियो बाबा गुरु गौरखनाथ नै ज्या दिन राजा,
भरतरी कू भाईऽऽ!
अरैऽ पापी दुसमण कैह च कै बन मं कुमा लायो मोटो,
पाप भाईऽऽ!
सहत्तर हरण्या का पतीदेव नै मार लायोऽऽ
मार लायो भाईऽऽ!
बन मं कुमा लायो तू राजा भरतरी मोटो,
पाप भाईऽऽ!
 
ईंयेऽऽऽऽऽऽ ई राजा भरतरीऽऽऽऽऽऽ 
हम्मे भाईऽऽ!
राजा भरतरी कैह्र्यो च बाबाजी,
हम्मे भाई!
मंनै तो हीरा मृग को पाप लग्यायो थनै ज्यात जंगल का आळा-तीता रुखड़ा काट-काट कै धुणा मं जला दिया बोलै महाराज यांको पाप कौनै,
लाग्यों कैऽऽ!
असली जोगी थनै जब जाणू राजा भरतरी कैह्र्या है,
कांई कैह्र्या च भाईऽऽ!
थनै जोगी जब जाणू मैं हीरा मृग को मार लायो तू बाबा जी जिन्दो,
कर दैऽऽ!
बोल बच्चा कांई देओगो मैं जिन्दो कर द्यूंगों,
हम्मै भाईऽऽ!
जनम जांई राजा भरतरी बाबा गुरु गौरखनाथ को चेलो रेऊगो,
रेऊगो भाईऽऽ!
जनम जियांई भगती करगो बाबा गुरु गौरखनाथ की सेवा करगो बकट बनी कै,
मांईने भाईऽऽ!
घोड़ा पै सूं निचै उतरा लियो च हीरा मृग कू ज्या दिन भईया,
हम्मे भाईऽऽ!
तुई-तुई कर कै नाद बजा दिया बाबा गुरु गौरखनाथ नै,
अरैऽऽ!
अमृत को छड़को मार दियो च हीरा मृग भईया जिन्दौ...
होग्यो च भाईऽऽ!
सिंगी नाद बजा दियो छै बाबा गुरु गौरखनाथ नै हीरा मृगल्या कू जिन्दो कर दियोऽऽ
कर दियो भाईऽऽ!
राजा भरतरी मन मं बच्यार करै च यो ज्ञान तो आपां कू भी,
सिखणो भाईऽऽ!
आपनै उज्जिण शहर मै कोेई कै भी कांई हो जाओ तो आपां भी जिन्दो,
कर सकंै चा भाईऽऽ!
महाराज मनै जल्दी चेलो बणाओऽऽ 
जल्दी बणाओ!
राजा भरतरी जोगा रम को मारग बाको सलखंडा की धार कटारी को, 
पानो भाईऽऽ!
जोगा रम को मारग च बांकोऽऽ
बांको भाईऽऽ!
ईयंऽऽ राजा भरतरीऽऽऽऽ  
हम्मै भाईऽऽ!
 
राणी पिंगळा सूं माता बैह्ण कैह्र लिया,
लिया भिक्ष्या भाईऽऽ!
माता बैण कैह कैर राणी पिंघळा सूँ भिक्ष्या मांग लै,
मांग लै भाई!
जब तो राजा भरतरी जोगा राम सध जाव न जोगा राम सध,
कौनै भाईऽऽ!
राजा भरतरी नै घोड़ो नौलखौ छोड़ दियो बकत बनी कै,
माईनै भाईऽऽ!
सूंनों घोड़ो छोड़ दियो,
छोड़ दियोऽऽ!
 
कमर कटारा, बाखड़ा,
हम्मे भाईऽऽ!
भाळो बीजळ श्यार को भाईया पटक दियो बकट बनी कै,
माईनै भाई!
भगवां तो कर लिया पाँचू कापड़ा राजा भरतरी,
अरैऽऽ!
गळा मं सेळीऽऽ हाथ मे लै लियो सुमरण नाद भईया,
नाद भाईऽऽ!
राजा भरतरी जार्यो च देखां न भैया भिक्षा मांगबै,
मांगबै भाईऽऽ!
कांई राणी पिंघ्गळा सू भिक्षा मांग र्यो च राजा भरतरी,
कस्या मांग र्यों च भाईऽऽ!
 
बोल भरतरी बाबा...
की जैऽऽ!
 
ये बात!
 
राजा भरतरी कांई भिक्षा मांगै छै,
कस्या मांगै छै भाई देखांऽऽ!
 
देख म्हारी गौरी जी अलखऽऽ जगायो च थारैऽऽ!
ऐ! बाहरैऽऽ अेर म्हारी गौरी जी अलख जगायो च थारैऽऽ
ऐ! बाहरैऽऽ अेर म्हारी गौरी जी अलख जगायो च थारैऽऽ
ऐ! बाहरैऽऽ अेर म्हारी गौरीऽऽ!
 
पींगळा बिकक्षा रै मैले न रै थाराऽऽ!
ऐ! बारणैऽऽ औ रै म्हारी पींगळा बिकक्षा मैले नै रै औ थाराऽऽ
ऐ! बारणैऽऽ औ रै म्हारी पींगळा बिकक्षा मैले नै रै औ थाराऽऽ
ऐ! बारणैऽऽ औ रै म्हारी पींगळाऽऽ
 
देख म्हारी गौरी जी रै भगती रैऽऽ करूगों नै गौरख बाबाऽऽ!
ऐ! नाथऽऽ देख म्हारी गौरी जी रै भगती करूगों नै गौरख बाबाऽऽ
ऐ! नाथऽऽ देख म्हारी राणी रै भगती करूगों नै गौरखऽऽ 
ऐ! नाथऽऽ देख म्हारी राणीऽऽ!
ऐ! करूगों न गौरख बाबाऽऽ नाथऽऽ 
देख म्हारी गौरी जीऽऽ!
 
बोलै भरतरी महाराज की जय...
होऽऽ!
बोलै गुरु महाराज की जय...
होऽऽ!
 
भगती करूगों राणी पिंघळा बाबा गुरु गौरखनाथ कीऽऽ
नाथ की भाईऽऽ!
मनै भिक्ष्या मैल दै राणी पिघ्ंाळा राजपणा की बाजै छी म्हारी स्त्री, जोग धारण की लागै च माता,
बैह्ण भाईऽऽ!
राणी पिंगहा मनै अलख जगा दिया थारै द्वारै दै नै भिक्षा,
मैल भाईऽऽ!
राणी पिंगळा एक हाथ सूँ झोळी पकड़लै च राजा भरतरी कीऽऽ 
भरतरी की भाईऽऽ!
देरी च नैक जुवाबऽऽ
जुवाब भाईऽऽ!
चुड़लौ मोड़ दियो हाथी दांत को राजा भरतरी नै देरी च कड़वा,
बोल भाईऽऽ!
 
ऐ! ई राजा भरतरीऽऽऽऽ!
हम्मै भाई!
 
माता माता कैह् कैह् बतळावै रंग मैहल कै मांईऽऽ
अरै हरैऽऽ मांई भाईऽऽ!
बटक-बटक टूटे काळज्यो राजा भरतरी रैऽऽ
भरतरी भाईऽऽ!
भर-भर नैणां मं आवै च नै नीरऽऽ
नीर भईयाऽऽ!
 
ये बात!
 
वाह् प्यारोंऽऽऽऽ! 
वाह् प्यारैऽऽऽऽ!
 
आज म्हारा राजा रैऽऽ कुण नै रैऽऽ दै दिया रै ऊण्डाऽऽ!
ऐ! ज्ञानऽऽ अेर म्हारा राजा रै कुण नै दै दिया रै ऊण्डाऽऽ
ऐ! ज्ञानऽऽ अेर म्हारा राजा रै कुण नै दै दिया रै ऊण्डाऽऽ
ऐ! ज्ञानऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ
 
देख भरतरी रै कूण नै रैऽऽ दिया च रै ऊण्डाऽऽ!
ऐ! ज्ञानऽऽ अेर म्हारा राजा रै कुण नै दिया च रै ऊण्डाऽऽ
ऐ! ज्ञानऽऽ अेर म्हारा राजा रै कुण नै दिया च रै ऊण्डाऽऽ
ऐ! ज्ञानऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ!
 
देख म्हारा राजा रैऽऽ माता रैऽऽ कैह् र्यो च जनानाऽऽ
ऐ! मैहलऽऽ अेर म्हारा राजा रै माता रै कैह् र्यो च जनानाऽऽ
ऐ! मैहलऽऽ अेर भाई राजाऽऽ!
 
राजा भरतरी सूँ राणी पिंगळा कैह् री च राजा भरतरी जरा सी शर्म कौनै आवै मैहल कै,
माईने भाईऽऽ!
आज राणी पिंगळा सूँ क्षत्रीजी राजा भरतरी महाराज माता कैह्-कैह् कांई बोलर्या च मैहल कै,
माईनै भाईऽऽ!
राजा भरतरी कै पियाया कांई थै फुल शराप कै पियाया बुझैड़ी,
भंग भाईऽऽ!
कुण नै दै दिया ऊंडा ज्ञान राजा भरतरी आप बोलो जोगी बणग्या,
बणग्या भईयाऽऽ!
 
राणी पिंगळा गैलां मं मिलग्या बाबा गुरु गौरख नाथ मुण्ड लियाऽऽ
चेला भाईऽऽ!
ऐ! राणी पिंगळा संघ जार्यो म्हारो कैदारनाथ बाबा बदरीऽऽऽऽ
नाथ कै भाईऽऽ!
अब मनै जल्दी भिक्षा मैल दै राणी पिंगला मैं जाऊगोंऽऽ
बिगट बनी के मांई भाईऽऽ!
राणी पिंगळा राजा भरतरी नै कांई जवाब देरी चऽऽ
कांई देरी च भईया देखांऽऽ!
राजा भरतरी बटक-बटक टूटे छै काळज्यों भर-भर आवै च नैणा मं नीरऽऽ
नीर भाई!
राजा भरतरी थनै जन्म को जोगी जाणती मैं फैंरा खाती हरगज,
नाही भईया!
हरगज भी फैरा न खाती,
न खाती भाईऽऽ!
कुंवारी रैह् जाती म्हारा बाप कै शंकर भगवान का कर लैती मैंऽऽ
नाम भाईऽऽ!
 
ऐ! राजा भरतरीऽऽ!
हम्मै भाईऽऽ!
ऐ! राजा भरतरीऽऽ!
हम्मै भईयाऽऽ!
कांई राणी पिंगळा कैह् री चऽऽ
कांई कैह् री च भाई देखांऽऽ!
 
ये बात!
 
देख म्हारा राजा रैऽऽ कुण नै रैऽऽ बांध्या चा रै काकणऽऽ
ऐ! डौरऽऽ डा रै म्हारा राजा रै कुण नै बांध्या चा रै काकणऽऽ
ऐ! डौरऽऽ डा रै म्हारा राजा रै कुण नै बांध्या चा रै काकणऽऽ
ऐ! डौरऽऽ डा रै म्हारा राजाऽऽ!
 
भरतरी कुण नै रैऽऽ बाध्यो च रै सिर पैऽऽ!
ऐ! मौळऽऽ देख म्हारा राजा रै कुण नै बाध्यो च रै सिर पैऽऽ
मौळऽऽ देख म्हारा राजा रै कुण नै बाध्यो च रै सिर पैऽऽ
ऐ! मौळऽऽ देख म्हारा राजाऽऽ!
 
देख म्हारी गौरी रै बामण का नै बांध्याई च रै कांकाणऽऽ
ऐ! डौरऽऽ डा रै म्हारी राणी रै बामण का नै बांध्या च रै कांकाणऽऽ
ऐ! डौरऽऽ डा रै म्हारी राणी रै बामण का नै बांध्या च रै कांकाणऽऽ
ऐ! डौरऽऽ डा रै म्हारी राणीऽऽ!
 
म्हारी राणी रै नाई कां नै बांध्यो च रै सिर पैऽऽ!
ऐ! मौळऽऽ अेर म्हारी राणी रै नाई कां नै बांध्यो च रै सिर पैऽऽ
ऐ! मौळऽऽ अेर म्हारी राणी रै नाई कां नै बांध्यो च रै सिर पैऽऽ
ऐ! मौळऽऽ अेर म्हारी राणीऽऽ!
 
देख म्हाका राजा रै बामण का नै डस जाई जो रै काळोऽऽ! 
ऐ! नागऽऽ अेर म्हारा राजा रै बामण का नै डस जाई जो रै काळोऽऽ
ऐ! नागऽऽ अेर म्हारा राजा रै बामण का नै डस जाई जो रै काळोऽऽ
ऐ! नागऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ!
 
भरतरी रै नांई का पै पड़ जाई ज्यो न आभाऽऽ!
ऐ! बीज’ळीऽऽ अेर भरतरी रै नांई का पै पड़ जाई ज्यो रै आभाऽऽ
ऐ! बीज’ळीऽऽ अेर भरतरी रै नांई का पै पड़ जाई ज्यो रै आभाऽऽ
हाँ भाईऽऽऽऽ!
ऐ! बीज’ळीऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ!
 
ढळ-ढळ रैऽऽ रौवै च रै राईणीऽऽ!
ऐ! मैहलऽऽ ओ रै म्हारा राजा रे ढळ-ढळ रौवै च रै राईणीऽऽ
ऐ! मैहलऽऽ ओ रै म्हारा राजाऽऽ!
 
कांई करैऽऽ होवैगा रै म्हांकांऽऽ!
ऐ! हालऽऽ अेर म्हारा राजा रै कांई कै होवैगां रै म्हांकांऽऽ
ऐ! हालऽऽ अेर म्हारा राजा रै कांई कै होवैगां रै म्हांकांऽऽ
ऐ! हालऽऽ अेर म्हारा राजाऽऽ!
 
वाह रै म्हारा सांवराऽऽ!
 
ये बातांऽऽ!
 
बोलै भरतरी महाराज की...
जय होऽऽ!
बोलै गुरु महाराज की...
जय होऽऽ!