Gorakhnath

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मुश्ताक खान
     परसौदा बड़े गांव सारंगगढ़ से भटगांव जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित है और एक औसत दर्जे का गांव है। यहाँ की आबादी मिश्रित है तथा यह अच्छा खेतिहर इलाका है। गांव के मध्य में एक मंदिर और एक पक्की चौपाल बनी हुई है। इसी चौपाल के सामने वाले घर के बाहरी बराम्दे में इन जोगियों ने अपना डेरा बनाया हुआ…
in Article
Gorakhnath was the main preceptor of  the Nath Panthi sampradaya. While the main thrust of the sampradaya focused on the Hatha yoga, there were many syncretic stands that were drawn into their fold. The Nath sampradaya was wide spread and Jogis associated with this fold actively disseminated ideas…
in Library Artifacts
Gorakhnath was the main preceptor of  the Nath Panthi sampradaya. While the main thrust of the sampradaya focused on the Hatha yoga, there were many syncretic stands that were drawn into their fold. The Nath sampradaya was wide spread and Jogis associated with this fold actively disseminated ideas…
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Gorakhnath was the main preceptor of  the Nath Panthi sampradaya. While the main thrust of the sampradaya focused on the Hatha yoga, there were many syncretic stands that were drawn into their fold. The Nath sampradaya was wide spread and Jogis associated with this fold actively disseminated ideas…
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Balak Das
भरथरी लोककथा सार मान्‍यता है कि गुरू गोरखनाथ का प्रथम चेला राजा भरथरी था। कथा के अनुसार राजा भरथरी का जन्म गढ़ उज्जैन में हुआ था। उनसे जन्म के समय नामकरण के लिए काशी से ब्राह्मण आए थे।उन्‍होनें ज्‍योतिष गणना करके बताया कि यह बालक बारह वर्ष तक राज करेगा उसके बाद तेरहवें वर्ष में यह योगी बना जायेगा।…
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Raziuddin Aquil
(पल्लव - 2015, हिंदी साहित्य परिषद, हिंदी विभाग, किरोड़ीमल महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, में 13 मार्च 2015 को दिया गया व्याख्यान)   मुझे ख़ुशी है कि आज मुझे यहाँ बोलने का मौक़ा मिला है l आमतौर पर इतिहास और साहित्य के विद्वान एक दूसरे से बातें नहीं कर पाते हैं, हालांकि सबको मालूम है कि इतिहास और…
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